बीकानेर में तैयार हो रहे भविष्य के AI इंजीनियर, बच्चे सीख रहे AI और रोबोटिक्स
Bikaner News Technology

बीकानेर में तैयार हो रहे भविष्य के AI इंजीनियर, बच्चे सीख रहे AI और रोबोटिक्स

Jun 3, 2026

बीकानेर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के बढ़ते दौर में बीकानेर के बच्चे भी अब आधुनिक तकनीकों की दुनिया में कदम रख रहे हैं। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित हेमू सर्किल पर संचालित Robo Spark AI & Robotics Academy कक्षा 2 से 10 तक के विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, कोडिंग और तकनीकी नवाचारों का प्रशिक्षण देकर भविष्य के इनोवेटर्स तैयार कर रही है।

 

 

अकादमी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न रोबोटिक और नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया गया। अकादमी की निदेशक मल्लिका सप्रा ने बताया कि AI और रोबोटिक्स अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुके हैं। ऐसे में बच्चों को कम उम्र से ही इन तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना समय की मांग है।

 

 

उन्होंने बताया कि अकादमी का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और नवाचार की भावना विकसित करना है। यहां बच्चों को रोबोटिक मॉडल निर्माण, कोडिंग, एआई के मूल सिद्धांतों तथा प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जाता है। छात्र स्वयं मॉडल और प्रोजेक्ट तैयार कर वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने का प्रयास करते हैं।

 

 

मल्लिका सप्रा के अनुसार AI और रोबोटिक्स शिक्षा बच्चों में क्रिटिकल थिंकिंग, टीमवर्क, संचार कौशल, रचनात्मकता और नवाचार जैसे 21वीं सदी के महत्वपूर्ण कौशल विकसित करती है। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीकी शिक्षा केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।

 

 

अकादमी से जुड़े तौसीफ रजा ने बताया कि आज AI और रोबोटिक्स का उपयोग स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, परिवहन और उद्योग सहित अनेक क्षेत्रों में हो रहा है। ऐसे में बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही इन तकनीकों से जोड़ना उनके भविष्य के करियर और उद्यमिता के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ें, ताकि वे तकनीक के केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसके निर्माता और नवप्रवर्तक बन सकें।