टिकट से पहले किराडू ने बढ़ाया सियासी पारा, पश्चिम की 20-25 वार्डों पर फोकस, टिकट नहीं मिला तो कोर कमेटी लेगी फैसला
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टिकट से पहले किराडू ने बढ़ाया सियासी पारा, पश्चिम की 20-25 वार्डों पर फोकस, टिकट नहीं मिला तो कोर कमेटी लेगी फैसला

Aug 21, 2026

 

बीकानेर. नगर निगम चुनाव की सरगर्मियों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार किराडू ने बीकानेर पश्चिम की करीब 20 से 25 सीटों पर फोकस करने का ऐलान किया है। किराडू के समर्थकों ने भाजपा से टिकट के लिए आवेदन किया है। शुक्रवार को प्रेस वार्ता में किराडू ने अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी करते हुए कहा कि उनका प्रयास बीकानेर की राजनीति में नए विचार और सेवा की भावना रखने वाले लोगों को आगे लाने का है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा से टिकट नहीं मिलने की स्थिति में उनकी कोर कमेटी परिस्थितियों और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए आगे की रणनीति तय करेगी।

 

 

 

 

किराडू ने कहा कि नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उनके साथ जुड़े कई कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में जाकर अलग-अलग वार्डों से टिकट के लिए आवेदन किया है। उनका लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर जनता की सेवा के लिए एक मॉडल तैयार करना है। इसी उद्देश्य से संकल्प पत्र तैयार किया गया है।

 

 

 

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करती है तो उसके साथ उनके संकल्प पत्र के मुद्दों को भी जनता के बीच ले जाया जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि पार्टी उनके साथियों की दावेदारी और संकल्प को गंभीरता से लेते हुए टिकट देगी। किराडू ने कहा, “अगर इसके बाद भी टिकट नहीं मिलता है तो मौके की नजाकत और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कोर कमेटी आपस में बैठकर निर्णय करेगी।”

 

 

 

‘संकल्प के साथ जो चलेगा, किराडू उसके साथ’

किराडू ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी एक व्यक्ति को चुनाव लड़ाना नहीं, बल्कि संकल्प पत्र में रखे गए मुद्दों को जमीन पर उतारना है। जो उम्मीदवार इस संकल्प के साथ जनता की सेवा करने के लिए आगे आएगा, वह उसके साथ खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस से किसी उम्मीदवार की दावेदारी नहीं करवाएंगे।

 

 

 

 

उन्होंने दावा किया कि बीकानेर पश्चिम में करीब 20 से 25 वार्डों पर उनका फोकस रहेगा। आने वाले समय में नए विचार वाले कम से कम 50 लोगों को अपने अनुभव के आधार पर राजनीति और सार्वजनिक जीवन में आगे लाने का प्रयास करेंगे।

 

 

 

 

‘मुझे विधायक-पार्षद नहीं बनना, सेवा की राजनीति करनी है’

अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर किराडू ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए वे स्वयं किसी पद की दौड़ में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मुझे विधायक का चुनाव नहीं लड़ना है और न पार्षद बनना है। मैंने अपने जीवन में राजनीति सेवा के संकल्प के साथ की है।”

 

 

 

 

उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति में ऐसे जनप्रतिनिधियों को बदलने की जरूरत है जो जनता से वोट लेने के बाद सेवा की जगह निजी हितों को प्राथमिकता देते हैं। उनका उद्देश्य बीकानेर की राजनीति में सेवा और जवाबदेही की सोच रखने वाले नए लोगों को आगे लाना है।

 

 

 

 

किराडू ने कहा कि कम्युनिटी वेलफेयर सोसाइटी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके माध्यम से होने वाले जनसेवा के कार्यों को वे किसी राजनीतिक पद से अधिक महत्व देते हैं।

 

 

 

जेठानंद व्यास से डेढ़ साल से संवाद नहीं होने की बात कही

किराडू ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा ज्वॉइन की थी, लेकिन विधायक जेठानंद व्यास से करीब डेढ़ साल से उनका कोई संवाद नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि बीकानेर के हित में विधायक जेठानंद व्यास उनके साथियों और संकल्प से जुड़े विषयों पर बात करेंगे तो वे संवाद के लिए तैयार हैं।

 

 

 

किराडू ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीकानेर कार्यक्रम में भी उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वे लंबे समय तक कार्यक्रम में नहीं बैठ सकते। उन्होंने दावा किया कि उन्हें भाजपा के कार्यक्रमों के निमंत्रण मिलते हैं और शहर भाजपा के कार्यक्रमों में भी बुलाया जाता है। उन्होंने स्वयं को भाजपा का सक्रिय सदस्य बताया।

 

 

 

 

संकल्प पत्र पर नहीं लिखा ‘भाजपा नेता’

किराडू ने खास तौर पर स्पष्ट किया कि जारी किए गए संकल्प पत्र पर उनके नाम के साथ ‘भाजपा नेता’ नहीं लिखा गया है। इसे उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनका नहीं बल्कि बीकानेर की आम जनता की अपेक्षाओं से जुड़ा संकल्प है।

 

 

 

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक कार्यकर्ता को टिकट मांगने का अधिकार है। किसी वार्ड से भाजपा के अन्य नेता भी दावेदारी कर रहे हैं तो वे भी टिकट मांगें और उनके साथी भी अपनी दावेदारी रखें। अंतिम फैसला पार्टी और उसके बाद जनता को करना है।

 

 

 

किराडू ने कहा कि यदि उनके साथियों को जनता की सेवा करने का अवसर मिलता है तो वे संकल्प पत्र के आधार पर काम करेंगे। यदि परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहती हैं तो चुनावी समीकरणों को देखकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।