बीजेपी में टिकटों पर महामंथन, देर रात आ सकती है पहली सूची, कांग्रेस ने खोले अपने पत्ते, 17 वार्डों में उतारे प्रत्याशी
बीकानेर. राजस्थान में निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशियों के चयन को लेकर प्रदेश मुख्यालय में मैराथन बैठकों का दौर जारी है, वहीं कांग्रेस ने झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ नगर निकाय के 17 वार्डों में प्रत्याशियों की घोषणा कर चुनावी तैयारियों को गति दे दी है।
प्रदेश भाजपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ संभागवार समीक्षा कर रहे हैं। प्रदेशभर की 309 नगर निकायों में पार्षद पद के टिकट के लिए भाजपा को 50 हजार से अधिक दावेदारों के आवेदन मिले हैं। ऐसे में पार्टी प्रत्याशियों के चयन के लिए चार स्तरीय स्क्रीनिंग प्रक्रिया अपना रही है।
भाजपा में सर्वे रिपोर्ट, स्थानीय संगठन का फीडबैक, पर्यवेक्षकों की राय और प्रदेश चुनाव समिति की सहमति के बाद प्रत्याशियों के नाम तय किए जाएंगे। जिला कमेटियों ने प्रत्येक वार्ड से जिताऊ दावेदारों के तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेजा है। अब इन पैनलों में शामिल नामों को लेकर अंतिम स्तर पर मंथन किया जा रहा है।
टिकट वितरण के बाद संभावित बगावत से बचने के लिए भाजपा अपने पुराने, सक्रिय और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है। दावेदारों की संगठनात्मक सक्रियता, सामाजिक प्रभाव और जीत की संभावना का भी आकलन किया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि भाजपा आज देर रात तक बीकानेर और अजमेर संभाग के प्रत्याशियों की पहली अधिकृत सूची जारी कर सकती है।
दूसरी तरफ कांग्रेस ने मुकुंदगढ़ नगर निकाय चुनाव के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने मुकुंदगढ़ के 17 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने वार्ड स्तर पर जनसंपर्क तथा प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
डॉ. राजकुमार शर्मा ने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ चुनाव लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घोषित प्रत्याशियों की जीत के लिए पूरी सक्रियता से काम करने की अपील की। कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद मुकुंदगढ़ में चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई है।
कांग्रेस द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा और भाजपा में टिकटों पर जारी मंथन के बीच अब दावेदारों एवं समर्थकों की निगाहें आगामी सूचियों पर टिकी हैं। दोनों प्रमुख दलों की गतिविधियां तेज होने के साथ ही प्रदेश में निकाय चुनाव का राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है।

