रणधीसर माइनर में निरीक्षण के दौरान भड़के विधायक भाटी, लापरवाही पर नोटिस, किसानों को मिली राहत
कोलायत. किसानों की सिंचाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी बुधवार को गजनेर लिफ्ट परियोजना की रणधीसर माइनर पहुंचे, जहां निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्यों में कई कमियां सामने आने पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। विधायक के हस्तक्षेप के बाद रणधीसर माइनर में बुधवार दोपहर 12 बजे पानी छोड़ दिया गया, जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिली।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विधायक को बताया कि ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का कार्य अगले सात दिनों में पूरा हो जाएगा। इस दौरान स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई करने वाले किसानों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके तहत तीन दिन तक मोघे बंद रखकर डिग्गियों को भरा जाएगा, ताकि जल का बेहतर प्रबंधन किया जा सके
किसानों की परेशानी को देखते हुए विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने मौके से ही इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के मुख्य अभियंता विवेक गोयल से दूरभाष पर बातचीत कर रणधीसर माइनर में तत्काल पानी छोड़ने की मांग की। इसके बाद दोपहर 12 बजे माइनर में पानी का प्रवाह शुरू कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए तथा सिंचाई जल का वितरण पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान रणधीसर माइनर पर ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्यों में गंभीर लापरवाही भी सामने आई। विभाग की ओर से कार्य पूर्ण होने की सूचना दिए जाने के बावजूद निरीक्षण में कई कार्य अधूरे मिले और नहर का पानी व्यर्थ बहता पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक अभियंता (एईएन) ओंकार मल और कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) जयप्रकाश को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। दोनों अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है तथा संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक किसान को समय पर सिंचाई जल उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विधायक कार्यालय स्वयं पूरे मामले की लगातार निगरानी करेगा और किसानों के हितों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

