108 दीपकों से महाआरती, पारंपरिक ध्वनि से गूंजा बंगाली मंदिर; दुर्गा नवमी पर उमड़े श्रद्धालु
बीकानेर. बीकानेर के रानी बाजार स्थित बंगाली मंदिर में मंगलवार को दुर्गा नवमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और बंगाली संस्कृति की अनूठी छटा के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना, कन्या पूजन, शत्रु बलि, बेलपत्र से हवन और 108 दीपकों से महाआरती सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। इस दौरान मंदिर परिसर मां दुर्गा के जयकारों और शंख ध्वनि से गूंज उठा।
दुर्गा नवमी पर बंगाली समुदाय की पारंपरिक धार्मिक परंपराओं की विशेष झलक देखने को मिली। महिलाओं ने पारंपरिक बंगाली रीति के अनुसार विशिष्ट ध्वनि निकालकर मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। इस पारंपरिक ध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठा। बंगाली संस्कृति में इसे शुभता, उल्लास और मां दुर्गा के स्वागत का प्रतीक माना जाता है।
बंगाल से आए पंडित ने करवाए धार्मिक अनुष्ठान
दुर्गा नवमी के अवसर पर बंगाल से आए पंडित काजोल चक्रवर्ती ने बंगाली परंपरा के अनुसार विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाए। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ से मंदिर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कन्या पूजन और शत्रु बलि की परंपरा निभाई
मंदिर में कन्या पूजन का विशेष आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और आशीर्वाद लिया। वहीं, बंगाली परंपरा के अनुसार शत्रु बलि का अनुष्ठान भी संपन्न करवाया गया। इसके बाद बेलपत्र से हवन हुआ। इन धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान बंगाली संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिली।
पारंपरिक परिधानों में पहुंचे महिला-पुरुष
दुर्गा नवमी पर मंदिर में पारंपरिक बंगाली वेशभूषा आकर्षण का केंद्र रही। महिलाएं लाल पार वाली साड़ियों और सोलह शृंगार में नजर आईं, वहीं पुरुष धोती-कुर्ते सहित पारंपरिक परिधानों में पहुंचे। महिलाओं ने सामूहिक रूप से मां दुर्गा की आराधना की और धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
108 दीपकों से हुई महाआरती
मां दुर्गा की विशेष महाआरती में 108 दीपक प्रज्वलित किए गए। दीपकों की रोशनी, शंख ध्वनि और जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती कर मां दुर्गा से आरोग्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता ने बढ़ाई रौनक
धार्मिक आयोजनों के साथ बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विभिन्न आकर्षक वेशभूषाओं में सजे बच्चों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
आस्था के साथ बंगाली संस्कृति की दिखी झलक
बंगाली मंदिर में दुर्गा नवमी का आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक बना। पारंपरिक वेशभूषा, विशेष पूजा-अर्चना, अनुष्ठानों और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन के माध्यम से बंगाली समुदाय के लोगों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक रीति-रिवाजों को जीवंत रखा। पूरा मंदिर परिसर मां दुर्गा की भक्ति में सराबोर नजर आया।

