राजस्थान के इस शहर में मिलता है आधा किलो का परांठा, विदेश से लोग आते है खाने
बीकानेर. भारत में सुबह के नाश्ते में परांठा एक बहुत ही पसंदीदा खाना है.लगभग हर घर में परांठा किसी न किसी रूप में जरूर बनता है. राजस्थान का बीकानेर शहर भी खाने के शौकीनों के लिए मशहूर है. यहां मिठाई ही नहीं बल्कि कई तरह के परांठे भी मिलते है. आपने आलू, गोभी या मूली के कई तरह के परांठे खाए होंगे, लेकिन बीकानेर में एक ऐसा परांठा बनता है, जो अपने साइज और स्वाद के लिए बहुत मशहूर है. यह परांठा इतना बड़ा होता है कि उसे अकेले खाना लगभग नामुमकिन है. एक परांठा आधा किलो का होता है. यह बीकानेर का सबसे वजनी परांठा है. एक आदमी इस परांठे को खा ले तो पूरे दिन कुछ भी खाने की जरूरत महसूस नहीं होती है. इस परांठे को खाने के लिए विदेशी सैलानी भी आते है.
बीकानेर के बड़ा बाजार स्थित ‘परांठा ही परांठा’ नाम की दुकान पर यह खास परांठा मिलता है. यह दुकान पिछले 10 सालों से चल रही है और इसके मालिक रामकुमार पुरोहित हैं. रामकुमार बताते हैं कि रोजाना यहां 100 से 150 लोग परांठा खाने के लिए आते हैं. इस दुकान की सबसे बड़ी पहचान है मूंग दाल से बना खास परांठा, जो आकार में लगभग डेढ़ से दो फुट बड़ा होता है और वजन में करीब आधा किलो यानी 500 ग्राम का होता है.
रामकुमार पुरोहित ने बताया कि इस परांठे को अकेला इंसान खा ही नहीं सकता है. इसे खाने के लिए अक्सर दो से तीन लोग साथ में बैठते हैं. इसकी चौड़ाई आम परांठे से तीन गुना ज्यादा होती है. उन्होंने बताया कि इस परांठे को बनाने में करीब 15 मिनट का समय लगता है. सबसे पहले मूंग दाल ली जाती है, उसमें खास मसाले मिलाए जाते हैं और फिर इस मिश्रण को आटे में भरकर बेल लिया जाता है. इसके बाद इसे एक बड़े तवे पर 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर सेकते हैं. इस परांठे को बनाने में उपयोग होने वाली चीजों में गेहूं का आटा, नमक, मिर्च, हींग, कस्तूरी मेथी, गर्म मसाला और मोगर जैसे मसाले शामिल हैं. इसका स्वाद चटपटा और देसीपन लिए हुए होता है, जो खाने वालों को बहुत पसंद आता है.

