मोदी सरकार का खजाना, मिलेगा रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ का डिविडेंड
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मोदी सरकार का खजाना, मिलेगा रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ का डिविडेंड

Sep 24, 2025

RBI की कमाई से भरा मोदी सरकार का खजाना, मिलेगा रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ का डिविडेंड; इन पैसों का क्या करेगी सरकार

RBI earnings will fill the Modi government’s coffers, and it will receive a record dividend of ₹2.69 lakh crore; what will the government do with this money?

अचानक आपके किसी पुराने पैंट की पॉकेट से नोटों की गड्डी निकल आए या आपकी कंपनी उम्मीद से दोगुना बोनस भेज दे। उस वक्त जैसी फीलिंग आती है, कुछ वैसा ही मोदी सरकार भी महसूस कर रही होगी।

भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपए लाभांश देने की घोषणा की है। ये रकम उस 1 बिलियन डॉलर के कर्ज से 30 गुना ज्यादा है, जिसके लिए पाकिस्तान IMF के सामने गिड़गिड़ा रहा था।

RBI के पास कहां से आता है इतना पैसा, सरकार को कितना लाभांश जाएगा, ये कैसे तय होता है और सरकार इस पैसे का क्या करती है;

सवाल-1: भारतीय रिजर्व बैंक क्या है और यह काम क्या करता है?

जवाब: भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI भारत का केंद्रीय बैंक है। इसे बैंकों का बैंक भी कहा जाता है। देश की इकोनॉमी को सही तरह से चलाने के लिए RBI 5 प्रमुख काम करता है…

सवाल-2: रिजर्व बैंक में पैसे जमा और निकासी नहीं कर सकते, तो इसकी कमाई कैसे होती है?

जवाब: RBI में अन्य कॉमर्शियल बैंकों की तरह जनता का सोना गिरवी रखकर या लोन देकर ब्याज से कमाई नहीं होती। RBI की कमाई के 3 बड़े जरिए हैं…

1. फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर ब्याज: RBI अपने विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर, यूरो, सोने और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड्स यानी IMF में SDRs के रूप में रखता है। फिर इन्हीं को इन्वेस्ट करके कमाई की जाती है। RBI के मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा विदेशी सरकारी बॉन्ड्स या डॉलर में इन्वेस्ट होता है। यह बॉन्ड्स सुरक्षित होते हैं और इन पर ब्याज मिलता है।

उदाहरण- अगर RBI ने 100 बिलियन डॉलर को अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स में 2% सालाना ब्याज पर इन्वेस्ट किया, तो उसे हर साल करीब 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 16 हजार करोड़ रुपए का ब्याज मिलेगा।

2. सरकारी बॉन्ड्स की खरीद-फरोख्त: RBI भारत सरकार के लिए बैंकर के रूप में काम करता है और सरकारी बॉन्ड्स यानी ट्रेजरी बिल और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट करता है। जब सरकार इन बॉन्ड्स पर ब्याज देती है, तो RBI की कमाई होती है।

उदाहरण- अगर RBI ने 10 हजार करोड़ के सरकारी बॉन्ड्स में इन्वेस्ट किया और उन पर 6% ब्याज मिला, तो RBI को सालाना 600 करोड़ रुपए की इनकम होगी।

3. बैंकों को ब्याज पर लोन देना: RBI कॉमर्शियल बैंकों और अन्य फाइनेंशियल ऑर्गेनाइजेशन को रेपो रेट पर लोन देता है। इस लोन पर मिलने वाला ब्याज भी RBI की इनकम का हिस्सा है।

उदाहरण- अगर RBI ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 1 हजार करोड़ रुपए का लोन 6.5% रेपो रेट पर दिया, तो उसे सालाना 65 करोड़ रुपए का ब्याज मिलेगा।

इसके अलावा RBI…✍️

डॉलर को सस्ता होने पर खरीद लेता है और वैल्यू बढ़ने पर बेच देता है।
बैंकों और फाइनेंशियल ऑर्गनाइजेशंस से लाइसेंसिंग और अन्य फीस लेता है।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम यानी UPI, NEFT और RTGS के मैनेजमेंट से इनकम बढ़ाती है।
RBI पुराने नोट जमा कर नए नोट लेने पर करेंसी मैनेज करने के लिए छोटी फीस लेता है।

सवाल-3: RBI को कितना और कैसे प्रॉफिट हुआ, जो केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ लाभांश बांट रहा?

जवाब: IDFC फर्स्ट बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट गौरा सेनगुप्ता कहते हैं, ‘RBI ने अभी तक इनकम का ब्योरा जारी नहीं किया है, लेकिन RBI की इनकम विदेशी मुद्रा लेनदेन, डॉलर की बिक्री और इंटरनेशनल मार्केट में ब्याज दरों की बढ़ोतरी की वजह से हुई होगी।’

इस साल रुपयों की कीमत में उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए RBI ने बड़े पैमाने पर डॉलर की खरीद-फरोख्त की। फाइनेंशियल ईयर 2024 में डॉलर की ब्रिक्री 153 बिलियन डॉलर थी, जो 2025 में दोगुनी से ज्यादा बढ़कर 399 बिलियन डॉलर हो गई।
जनवरी 2025 में ट्रम्प की नीतियों की वजह से डॉलर की वैल्यू गिर गई, जिससे RBI ने खरीद बढ़ा दी। मार्च-अप्रैल में डॉलर की वैल्यू बढ़ने के बाद इसे बेच दिया। इसके अलावा RBI ने विदेशी मुद्रा भंडार को अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स और अन्य सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट किया। RBI की विदेशी मुद्रा संपत्ति में 1.3% की बढ़ोतरी हुई।
इसके अलावा RBI के पास करीब 14 लाख करोड़ रुपए के सरकारी बॉन्ड्स हैं, जिन पर औसतन 6% से 7% तक सालाना ब्याज मिलता है।
RBI की इनकम में कॉमर्शियल बैंकों को रेपो रेट पर दिए ब्याज की इनकम भी शामिल है। इस साल नकदी की कमी की वजह से बैंकों ने RBI से ज्यादा उधार लिया, जिससे RBI की इनकम बढ़ गई।
इन्वेस्टमेंट गुरु इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक RBI को 2024-25 में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा होने का अनुमान है, जिसमें से केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपए का डिविडेंड दिया गया। हालांकि असल मुनाफा RBI की रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा।

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