एनआईए का अधिकारी बनकर 48 लाख रुपए ठगी, बेंगलुरू से साइबर ठग गिरफ्तार
बीकानेर. साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर सेवानिवृत्त शिक्षिका और उनकी बहू से 48 लाख रुपये की ठगी करने वाले साइबर अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को एनआईए का अधिकारी बताते हुए पीड़ितों को कॉल किया और फर्जी दस्तावेज भेजकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट में होने का डर दिखाया।
आरोपी ने कहा कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है और अगर सहयोग नहीं किया गया तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसी भय के चलते पीड़ित परिवार ने अलग-अलग खातों में कुल 48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
यह मामला 24 जनवरी को बीछवाल थाने में दर्ज किया गया था। रिपोर्ट दर्ज होते ही साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे बेंगलुरू से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने केंद्रीय जांच एजेंसी का फर्जी अधिकारी बनकर ठगी को अंजाम दिया। फिलहाल साइबर थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता। इस तरह की कॉल आने पर घबराने की बजाय तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

