47 डिग्री तापमान में नंगे बदन दंडवत करके शिक्षा निदेशक के पास पहुंचे चयनित पीटीआई
Bikaner News

47 डिग्री तापमान में नंगे बदन दंडवत करके शिक्षा निदेशक के पास पहुंचे चयनित पीटीआई

May 27, 2026

 

बीकानेर. नौतपा की भीषण गर्मी के बीच जहां आमजन घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, वहीं अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे पीटीआई भर्ती-2022 के चयनित अभ्यर्थियों ने बुधवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. इससे सरकार और शिक्षा विभाग का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया. राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में चयनित शारीरिक शिक्षक नंगे बदन दंडवत करते हुए निदेशक कार्यालय पहुंचे और अपनी लंबित मांगों के समाधान की गुहार लगाई.

 

 

 

 

प्रदेश में इन दिनों तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है. ऐसे में तपती सड़कों पर नंगे बदन दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे अभ्यर्थियों को देखकर राहगीर भी हैरान रह गए. कई लोगों ने रुककर प्रदर्शनकारियों की बात सुनी और उनके संघर्ष की सराहना की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में चयनित होने और प्रोबेशन अवधि पूरी करने के बावजूद उन्हें अब तक स्थायीकरण का लाभ नहीं मिला है और नियमित वेतन भी जारी नहीं किया गया है.

 

 

 

 

राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रामप्रकाश सांगवा ने बताया कि पीटीआई भर्ती-2022 में चयनित अभ्यर्थी पिछले एक सप्ताह से लगातार आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भर्ती में चयन होने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ दी हैं तथा प्रोबेशन अवधि भी पूरी कर ली है, लेकिन नौ माह बीत जाने के बाद भी विभाग ने स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण संबंधी आदेश जारी नहीं किए हैं.

 

 

 

डॉ. सांगवा ने आरोप लगाया कि एसओजी जांच की आड़ में चयनित अभ्यर्थियों के मामलों को लंबित रखा जा रहा है. उनका कहना है कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई शिकायत या संदेह नहीं है, उन्हें भी परेशान किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के चलते 200 से अधिक फर्जी नियुक्तियों को निरस्त किया जा चुका है, लेकिन इसका खामियाजा ईमानदारी से चयनित अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है.

 

 

 

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों और निदेशक स्तर तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं. इसके अलावा जयपुर में भी धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है. इससे चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में निराशा बढ़ती जा रही है.

 

 

 

प्रदेश मुख्य महामंत्री खेमाराम नैण ने कहा कि यह आंदोलन केवल नौकरी का नहीं, बल्कि सम्मान, भविष्य और अधिकारों की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि यदि किसी परीक्षा केंद्र या चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन निर्दोष और चयनित अभ्यर्थियों के साथ न्याय होना चाहिए. उन्होंने सरकार से मांग की कि स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण के आदेश जल्द जारी किए जाएं.

 

 

 

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भूख हड़ताल सहित अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन किए जाएंगे. चयनित शिक्षकों का कहना है कि वे अपने अधिकारों की प्राप्ति तक संघर्ष जारी रखेंगे.