कांग्रेस ने बदली टिकट रणनीति, फोन पर मिलेगा टिकट
बीकानेर. नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद होने वाली गुटबाजी और बगावत से बचने के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल दी है। पार्टी इस बार प्रत्याशियों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं करेगी। कांग्रेस मुख्यालय से सीधे जिलों में चुनाव चिह्न भेजे जाएंगे और जिला स्तर पर ही चयनित उम्मीदवारों को टिकट मिलने की सूचना दी जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी के मुताबिक, कांग्रेस मुख्यालय से शनिवार से सभी जिलों में सिंबल भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। जिला अध्यक्ष और विधानसभा पर्यवेक्षक को सिंबल वितरण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। दोनों पदाधिकारी संभावित प्रत्याशियों के सीधे संपर्क में रहेंगे और चयनित उम्मीदवारों को फोन के माध्यम से टिकट मिलने की जानकारी देंगे।
दरअसल, कई निकायों में एक-एक पद के लिए बड़ी संख्या में दावेदारों ने आवेदन किया है। पार्टी को आशंका है कि समय से पहले प्रत्याशियों के नाम घोषित करने पर टिकट से वंचित नेता बगावत कर सकते हैं। इसी खतरे को कम करने के लिए प्रत्याशियों के नाम अंतिम समय तक गोपनीय रखने की रणनीति बनाई गई है।
जिन सीटों पर कांग्रेस के पास केवल एक दावेदार है, वहां टिकट की स्थिति लगभग स्पष्ट रहेगी। कई दावेदारों वाली सीटों पर आखिरी समय तक सस्पेंस बना रह सकता है। पार्टी के सामने जिताऊ उम्मीदवार चुनने के साथ टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं को साधने की भी चुनौती है। कुछ दावेदार सिंबल नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना सकते हैं।
कांग्रेस सिंबल को नामांकन के अंतिम दौर में रिटर्निंग ऑफिसर के पास जमा कराने की तैयारी कर रही है। इससे अंतिम समय तक प्रत्याशी चयन और टिकट वितरण पर पार्टी का नियंत्रण बना रहेगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह ‘सीक्रेट टिकट फॉर्मूला’ गुटबाजी और बगावत रोकने में कितना सफल होता है।

