सरपंच प्रत्याशी का चुनावी ‘इकरारनामा’: 13 वादे, 2 साल में काम नहीं तो कुर्सी छोड़ेंगे
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सरपंच प्रत्याशी का चुनावी ‘इकरारनामा’: 13 वादे, 2 साल में काम नहीं तो कुर्सी छोड़ेंगे

Oct 8, 2026

बीकानेर. राजस्थान में चल रहे पंचायतीराज चुनाव के बीच बीकानेर जिले के पूगल क्षेत्र की ग्राम पंचायत आडूरी से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां सरपंच पद के प्रत्याशी शिवलाल मेघवाल ने चुनावी वादों को लेकर ऐसा कदम उठाया है, जिसकी क्षेत्र में चर्चा हो रही है। प्रत्याशी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र को सामान्य पर्चे या पोस्टर पर जारी करने के बजाय 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखकर सार्वजनिक किया है।

 

शिवलाल मेघवाल ने स्टाम्प पेपर पर ग्राम पंचायत के विकास से जुड़े 13 प्रमुख कार्यों को पूरा करवाने का संकल्प लिया है। उन्होंने ग्रामीणों के सामने यह घोषणा रखी है कि यदि उन्हें सरपंच के रूप में चुना जाता है तो इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने के लिए काम करेंगे।

 

दो साल की समय सीमा भी तय

 

घोषणा पत्र में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह है काम पूरा करने की समय सीमा। प्रत्याशी ने लिखित रूप से कहा है कि सरपंच बनने के बाद यदि वे दो साल के भीतर स्टाम्प पेपर पर लिखे 13 विकास कार्यों को पूरा करवाने में असफल रहते हैं तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

 

चुनावी मौसम में जहां प्रत्याशियों की ओर से आमतौर पर सभाओं और जनसंपर्क के दौरान वादे किए जाते हैं, वहीं शिवलाल मेघवाल ने अपने वादों को स्टाम्प पेपर पर दर्ज कर ग्रामीणों के सामने रखने का तरीका अपनाया है।

 

भ्रष्टाचार हुआ तो इस्तीफे का संकल्प

 

शिवलाल मेघवाल ने अपने घोषणा पत्र में भ्रष्टाचार को लेकर भी लिखित संकल्प किया है। उन्होंने कहा है कि उनके कार्यकाल के दौरान पंचायत के किसी भी काम में यदि एक रुपये का भी घोटाला या भ्रष्टाचार साबित होता है, तो वे सरपंच पद से त्यागपत्र दे देंगे।

 

उनके इस घोषणा पत्र में विकास कार्यों के साथ पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दर्ज की गई है।

 

चौपाल से सोशल मीडिया तक चर्चा

 

500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर जारी किया गया यह घोषणा पत्र अब आडूरी सहित पूगल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण इलाकों में लोग प्रत्याशी के इस कदम को लेकर आपस में चर्चा कर रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें और जानकारी सामने आ रही हैं।

 

अब चुनाव के बाद यह देखना अहम होगा कि स्टाम्प पेपर पर किए गए 13 विकास कार्यों के वादे और दो साल की समय सीमा को लेकर प्रत्याशी का संकल्प किस तरह आगे बढ़ता है। फिलहाल आडूरी ग्राम पंचायत का यह चुनावी घोषणा पत्र पंचायतीराज चुनाव में एक अलग तरह की पहल के रूप में चर्चा में है।

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