पंचमुखा हनुमान मंदिर में 101 किलो खीर का प्रसाद, 33 कोटि देवी-देवताओं की होगी महाआरती
बीकानेर. रानी बाजार के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्राचीन श्री पंचमुखा हनुमान जी मंदिर में मंदिर नव निर्माण पूर्णता महोत्सव एवं शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन 23 से 26 अक्टूबर तक श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाएगा। पंचमुखा सेवा संस्थान, बीकानेर के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय महोत्सव में अखंड रामचरितमानस पाठ, विशाल शोभायात्रा, भव्य जागरण, संत-महात्माओं के प्रवचन, मंदिर शिखर पर कलश स्थापना और विशाल महाप्रसाद सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण 33 कोटि देवी-देवताओं की सामूहिक महाआरती होगी।
संस्थान के अध्यक्ष राहुल गहलोत और मीडिया प्रभारी भागीरथ गहलोत ने पत्रकारों को बताया कि महोत्सव को लेकर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। संस्थान के सचिव जितेंद्र गहलोत ने चार दिवसीय कार्यक्रमों की जानकारी दी।
23 अक्टूबर: अखंड रामचरितमानस पाठ का शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अखंड रामचरितमानस पाठ के साथ होगा। यह पाठ शनिवार, 24 अक्टूबर को शाम 7 बजे पूर्ण होगा। इस दौरान श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे।
24 अक्टूबर: रामचरितमानस पाठ की पूर्णाहुति
शनिवार, 24 अक्टूबर को शाम 7 बजे अखंड रामचरितमानस पाठ की पूर्णाहुति होगी। इसके साथ ही मंदिर में भक्ति और धार्मिक उल्लास का वातावरण रहेगा।
25 अक्टूबर: शोभायात्रा, जागरण और 101 किलो खीर का प्रसाद
रविवार, 25 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरेगी। रात 9 बजे श्री हनुमान जी का भव्य जागरण होगा, जिसमें पंचमुखा दरबार के कलाकार भजनों की प्रस्तुतियां देंगे।
जागरण के दौरान रात 12 बजे श्रद्धालुओं को 101 किलोग्राम साबूदाना खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
26 अक्टूबर: मंदिर शिखर पर कलश स्थापना और महाआरती
सोमवार, 26 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। सुबह 9 बजे संत-महात्माओं द्वारा मंदिर के शिखर पर कलश स्थापना की जाएगी। सुबह 10 बजे संत-महात्माओं के प्रवचन होंगे।
दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक विशाल महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
संस्थान से जुड़े मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. कन्हैया कच्छावा ने बताया कि रात 8 बजे 33 कोटि देवी-देवताओं की सामूहिक महाआरती आयोजित होगी। गंगा आरती की शैली में होने वाली इस महाआरती में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, पुष्पवर्षा और भव्य आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचने की अपील
पंचमुखा सेवा संस्थान ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से चार दिवसीय महोत्सव में सपरिवार शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।
इस अवसर पर सत्यनारायण गहलोत, आनंद गहलोत, किशन गहलोत, पप्पू गहलोत सहित मंदिर के पुजारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

