पहले भुजिया महोत्सव, फिर तीन दिन ऊंट उत्सव… जनवरी में बीकानेर में दिखेगा संस्कृति और स्वाद का संगम!
बीकानेर. बीकानेर के विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव की तारीख तय हो गई है। आगामी 8 से 10 जनवरी 2027 तक कैमल फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इस बार उत्सव को नए नवाचारों के साथ भव्य रूप देने की तैयारी है। इसके जरिए देशी-विदेशी पर्यटकों को बीकानेर की संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन स्थलों से रूबरू कराया जाएगा।
शुक्रवार को जिला कलक्टर निशान्त जैन की अध्यक्षता में जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें ऊंट उत्सव की तैयारियों और जिले में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्सव में अधिक से अधिक देशी और विदेशी पर्यटकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जाएं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव बीकानेर को विशिष्ट पहचान दिलाने वाला आयोजन है। इसलिए इसकी रूपरेखा जल्द अंतिम रूप देकर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए पारंपरिक प्रचार माध्यमों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा।
7 और 8 जनवरी को होगा भुजिया महोत्सव
अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव से पहले बीकानेर के प्रसिद्ध भुजिया उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए 7 और 8 जनवरी को ग्रामीण हाट में बीकानेरी भुजिया महोत्सव आयोजित किया जाएगा। उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र की ओर से होने वाले इस आयोजन में भुजिया बनाने, पैकेजिंग और विपणन से जुड़ी प्रक्रियाओं का प्रायोगिक प्रदर्शन किया जाएगा।
महोत्सव में भुजिया व्यापारियों और निर्माताओं को आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही, भुजिया उद्योग से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद और आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इससे बीकानेर के पारंपरिक भुजिया उद्योग को प्रोत्साहन देने के साथ इसकी पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास होगा।
हेरिटेज संरक्षण पर भी रहेगा जोर
बैठक में शहर की ऐतिहासिक इमारतों और विरासत के संरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई। जिला कलक्टर ने नगर निगम की हेरिटेज सेल को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित बायलॉज को शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा, ताकि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में काम किया जा सके।
इसके अलावा बीकानेर आने वाले पर्यटकों के लिए होम स्टे और गेस्ट हाउस की सुविधाएं बढ़ाने सहित पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में पर्यटन विभाग के उपनिदेशक कृष्ण कुमार ने जिले के पर्यटन परिदृश्य और भावी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलनीचामी, बीकानेर विकास प्राधिकरण आयुक्त स्नेहल धायगुड़े नाना, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक महेश व्यास सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

