पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर, बाड़मेर 48.3 डिग्री तो बीकानेर 45 डिग्री पर पहुंचा
Bikaner News

पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर, बाड़मेर 48.3 डिग्री तो बीकानेर 45 डिग्री पर पहुंचा

May 12, 2026

बीकानेर. राजस्थान में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है और पश्चिमी राजस्थान रिकॉर्डतोड़ तापमान की मार झेल रहा है। रेगिस्तानी इलाकों में सूरज आग उगल रहा है। मंगलवार को बाड़मेर का तापमान 48.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बीकानेर में पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं लूणकरणसर में 42.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी से आमजन का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

 

हालांकि दिनभर की तपिश के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। बीकानेर में दोपहर से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी और शाम होते-होते काले घने बादलों ने आसमान को ढक लिया। कई इलाकों में धूलभरी आंधी भी चली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत महसूस हुई। तेज हवाओं और बदले मौसम के चलते वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने राहत की सांस ली।

 

 

सुबह होते ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान करने लगती हैं। दोपहर तक सड़कें सूनी नजर आती हैं और बाजारों में आवाजाही बेहद कम हो जाती है। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तथा आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है।

 

 

भीषण गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी दिखाई देने लगा है। शहर में कवरेज के दौरान कई मोबाइल फोन ओवरहीट होकर बंद हो गए। तेज लू और तपती हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

 

 

डॉक्टरों के अनुसार तेज धूप में लंबे समय तक रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर नहीं निकलने, अधिक पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 

वहीं पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से पशुओं को छांव में रखने और पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने की अपील की है। गर्मी का असर खेती और फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि तेज तापमान के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं और खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है।

 

 

 

दुकानदारों के अनुसार दोपहर के समय बाजारों में ग्राहक लगभग गायब हो जाते हैं, लेकिन शाम को मौसम सुहावना होने पर बाजारों और सड़कों पर फिर से रौनक लौटती दिखाई दी। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही और तेज हवाएं लोगों को कुछ राहत दे सकती हैं।