कांग्रेस का टिकट फॉर्मूला: पहले स्थानीय दावेदार, जीत की संभावना कमजोर तो बदलेगा चेहरा, 50 प्रतिशत युवाओं को मिलेगा मौका
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कांग्रेस का टिकट फॉर्मूला: पहले स्थानीय दावेदार, जीत की संभावना कमजोर तो बदलेगा चेहरा, 50 प्रतिशत युवाओं को मिलेगा मौका

Aug 25, 2026

बीकानेर. नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। ऐसे में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के निकाय चुनाव को लेकर कई जानकारियां दी। कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन मेघवाल ने बताया कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस टिकट वितरण के दौरान स्थानीय वार्ड के दावेदारों को प्राथमिकता देगी। संबंधित वार्ड के निवासी और मजबूत दावेदार को टिकट देने पर पहले विचार किया जाएगा। पार्टी का प्रयास रहेगा कि जिस कार्यकर्ता ने वार्ड में रहकर जनता के बीच काम किया है, उसे चुनाव लड़ने का अवसर मिले।

 

 

 

मेघवाल ने स्पष्ट किया कि टिकट वितरण का प्रमुख आधार उम्मीदवार की जीतने की क्षमता भी होगी। यदि किसी वार्ड में स्थानीय दावेदार की स्थिति कमजोर दिखाई देती है और पार्टी को उसकी जीत की संभावना कम लगती है तो विशेष परिस्थिति में किसी अन्य वार्ड से मजबूत प्रत्याशी को मैदान में उतारा जा सकता है।

 

पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने प्रेस वार्ता में भाजपा पर बीकानेर की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस बार नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के साथ नगर निगम में भी भाजपा की सरकार रही, लेकिन तीनों स्तरों पर भाजपा विफल साबित हुई है।

 

 

 

डॉ. कल्ला ने कहा कि उनके कार्यकाल में बीकानेर के रेलवे कारखाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये के काम लाए गए थे, लेकिन वर्तमान सांसद बीकानेर के लिए कोई बड़ी परियोजना नहीं ला सके। रोजगार, नए कारखानों और पोटाश की संभावनाओं को लेकर भी कोई ठोस काम नहीं हुआ। कांग्रेस सरकार के समय बनाई गई कई योजनाओं को सीमित कर दिया गया है।

 

 

 

उन्होंने शहर की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा के कार्यकाल में सड़कें और नालियां टूटी हुई हैं, सीवरेज व्यवस्था चरमराई हुई है तथा कई कॉलोनियों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट तक नहीं है। खराब लाइटों को समय पर बदला नहीं जा रहा। महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है तथा चीनी सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार लोगों का बजट बिगाड़ रहे हैं।

 

 

 

डॉ. कल्ला ने स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 25 लाख रुपये तक का इलाज और दवाइयां निःशुल्क की थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे पांच लाख रुपये तक सीमित कर दिया और इसमें कई नियम जोड़ दिए। इससे गरीब व्यक्ति के लिए इलाज करवाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने राशन व्यवस्था और त्रिस्तरीय शासन प्रणाली को भी विफल बताया।

 

 

 

 

उन्होंने लोगों से कांग्रेस को अवसर देने की अपील करते हुए कहा कि नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनने पर सफाई, सड़क, सीवरेज और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बीकानेर को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के साथ लोगों को नगर निगम के माध्यम से अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रदेश में ढाई साल बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर कच्ची बस्तियों के नियमन का काम करवाया जाएगा।

 

 

 

टिकट वितरण को लेकर डॉ. कल्ला ने कहा कि पार्टी सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा करेगी। जो उम्मीदवार जिताऊ और टिकाऊ होगा, उसी को टिकट दिया जाएगा। कांग्रेस जल्द अपना चुनावी घोषणा पत्र भी जारी करेगी। पार्टी का प्रयास पूर्व और पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में अधिक से अधिक वार्ड जीतने का रहेगा।

 

 

 

हाल में वायरल हुए अपने एक वीडियो पर डॉ. कल्ला ने कहा कि इसे एआई की मदद से तोड़-मरोड़कर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि उस समय छींपा समाज के लोग उनसे मिलने आए थे और उनमें से कोई फोटो तथा वीडियो बना रहा था। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने भी बाद में इसका खंडन किया है।

 

 

 

कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन मेघवाल ने कहा कि बीकानेर के सभी कांग्रेस नेता एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा की विदाई नगर निगम से शुरू होगी और दिल्ली तक जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी ने महापौर पद के लिए किसी चेहरे को आगे नहीं किया है। अभी कांग्रेस का पूरा ध्यान अधिक से अधिक पार्षद जिताकर नगर निगम में बोर्ड बनाने पर है।

 

 

 

पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत ने बताया कि राजस्थान में पहली बार कांग्रेस की ओर से ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं और प्रदेश कांग्रेस कमेटी सर्वे भी करवा रही है। तकनीकी परेशानी होने की स्थिति में ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस 50 प्रतिशत टिकट युवाओं को देगी और दो-तिहाई बहुमत से अपना बोर्ड बनाएगी।

 

 

 

गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा में पार्षद का चुनाव लड़ने के बजाय अधिकतर नेता महापौर बनने की दौड़ में हैं, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता सेवा की भावना से पार्षद का चुनाव लड़ेंगे। परिसीमन को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए परिसीमन किया, जिसे जनता समझ चुकी है।

 

 

 

उन्होंने बताया कि कांग्रेस के सभी नेता एकजुट होकर नगर निगम चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी का फिलहाल पूरा ध्यान अधिक से अधिक पार्षद जिताकर नगर निगम में अपना बोर्ड बनाने पर है। महापौर पद के लिए अभी किसी चेहरे को आगे नहीं किया गया है। पार्षदों की जीत के बाद पार्टी इस संबंध में निर्णय करेगी।

 

 

 

टिकट के लिए आए आवेदनों, स्थानीय समीकरणों, दावेदार की जनता के बीच पकड़ और संगठन के प्रति सक्रियता को ध्यान में रखकर प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि मजबूत, जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवार को ही चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।