बीकानेर के कई वार्डों में बगावत की आहट, बहुकोणीय मुकाबला होने की संभावना
बीकानेर. नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों को फोन पर टिकट की सूचना देने का सिलसिला शुरू होते ही पार्टी के बागी खुलकर सामने आने लगे हैं। कहीं भाजपा तो कहीं कांग्रेस के घोषित संभावित प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई दावेदारों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया है और नामांकन दाखिल करने की तैयारी में जुट गए हैं।
टिकट की सूचना आने के बाद से दावेदारों की नजर पार्टी के अगले कदम पर टिकी हुई है। नाराज नेता अपने-अपने वार्डों में समर्थकों और स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर नए राजनीतिक समीकरण बनाने में लगे हैं। कई वार्डों से दो से चार निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के सामने बागियों को मनाना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
यदि दोनों पार्टियां समय रहते बागियों के प्रभाव और निर्दलीय उम्मीदवारों से बनने वाले समीकरणों को नहीं भांप पाईं तो उन्हें चुनाव में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई वार्डों में बागी उम्मीदवार पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के वोटों में सेंध लगाकर चुनाव परिणाम प्रभावित करने की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
इस बार बीकानेर नगर निगम के सभी 80 वार्डों में बहुकोणीय मुकाबले की संभावना बन रही है। भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी तथा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतार रही हैं। वहीं बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। ऐसे में अगले दो दिनों में सभी वार्डों की चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कितने नाराज दावेदार बगावत कर नामांकन भरते हैं और भाजपा-कांग्रेस अपने कितने बागियों को मनाने
में सफल होती हैं।

