100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को किया याद, आनंदम विंग के 80 भामाशाहों का सम्मान
बीकानेर. गंगाशहर के नई लेन ओसवाल समाज की प्रमुख संस्था श्री नई लेन ओसवाल पंचायती प्रन्यास की ओर से टीएम हॉल में भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में नवनिर्मित आनंदम विंग के निर्माण में सहयोग करने वाले 80 भामाशाहों को शॉल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान संस्था के करीब 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास और सामाजिक सरोकारों को भी याद किया गया।
समारोह की शुरुआत न्यासी धर्मेंद्र डाकलिया ने नमस्कार महामंत्र के जाप से की। कार्यवाहक अध्यक्ष विमल सिंह चौरड़िया ने स्वागत वक्तव्य दिया, जबकि मंत्री सुरेंद्र पटवा ने कार्यक्रम की विषयवस्तु और रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में नई लेन और पुरानी लेन गंगाशहर, भीनासर तथा बीकानेर की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए।
कार्यवाहक अध्यक्ष विमल सिंह चौरड़िया ने बताया कि समाज को समर्पित नवनिर्मित आनंदम विंग का लोकार्पण चंपालाल डागा परिवार एवं टोडरमल लालाणी ने किया। करीब 80 भामाशाहों के आर्थिक सहयोग से इस विंग का निर्माण संभव हुआ। इसका निर्माण निवर्तमान अध्यक्ष स्व. चंपालाल डागा के कार्यकाल में पूरा हुआ था।
मंत्री सुरेंद्र पटवा ने बताया कि निरंतर विकास कर रहे संस्थान की यात्रा में आनंदम विंग के रूप में नया अध्याय जुड़ा है। इस विंग में आधुनिक सुविधाओं से युक्त 23 कमरे, पार्किंग और लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है। समारोह में ट्रस्टी कन्हैयालाल बोथरा, मोहन सुराणा, विनोद बोथरा, तोलाराम बोथरा, डॉ. जेठमल मरोठी, अमरचंद सोनी, रिद्धकरण सेठिया, विमल डागा, मानकचंद सामसुखा, भैरूदान सेठिया और महेंद्र बोथरा सहित ट्रस्ट मंडल ने भामाशाहों का सम्मान किया।
सहमंत्री किशन बैद ने बताया कि जैन पाठशाला सभा के अध्यक्ष विजय कोचर, जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष इंदरचंद सुराणा, पुखराज चोपड़ा और शुभकरण बोथरा ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने संस्थापक हीरालाल आंचलिया के साथ निवर्तमान अध्यक्ष स्व. चंपालाल डागा, पूर्व अध्यक्ष टोडरमल लालाणी, पूर्व मंत्री इंदरचंद दुग्गड़ और ट्रस्टी स्व. संपतलाल दुग्गड़ के योगदान को याद किया।
कोषाध्यक्ष राजकरण सोनावत ने बताया कि समारोह को सफल बनाने में ट्रस्टी पीयूष लूणिया, धर्मचंद चोपड़ा, अरिहंत नाहटा, इंदरचंद मालू तथा समाज के विजेंद्र छाजेड़, सुधीर लुणावत, दिलीप सिरोहिया और मनोज छाजेड़ का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन ट्रस्टी मनीष बाफना ने किया और सहमंत्री किशन बैद ने आभार जताया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
1933 से सामाजिक सरोकारों में सक्रिय है प्रन्यास
ट्रस्टी मनीष बाफना ने बताया कि श्री नई लेन ओसवाल पंचायती प्रन्यास आधिकारिक रूप से वर्ष 1933 में स्थापित हुआ था, जबकि इसकी गतिविधियां इससे भी पहले से संचालित होती आ रही हैं। करीब 100 वर्षों के इतिहास वाली संस्था उचित मूल्य पर विवाह एवं अन्य आयोजनों के लिए भवन उपलब्ध कराने के साथ होम्योपैथिक सेवा सदन का संचालन करती है। इसके अलावा व्यवसाय के लिए रियायती किराये पर दुकानें उपलब्ध कराने सहित अनेक जनहित के कार्य किए जा रहे हैं।

