लोकगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक : प्रो. अन्नाराम शर्मा
बीकानेर. राजस्थानी लोकगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक आत्मीयता और लोकजीवन की परंपराओं के सशक्त संवाहक हैं। लोकगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होने वाली सांस्कृतिक स्मृतियों और जीवन मूल्यों को सहेजने का जरिया भी हैं। यह बात राजकीय डूंगर महाविद्यालय

