चांदी के भाव तीन लाख के पार, इस वजह से रातों रात भाव बढ़े
बाजार में मचे इस हड़कंप की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी महत्वकांक्षी योजनाएं हैं. दरअसल, ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. जिन यूरोपीय देशों ने उनकी इस योजना का विरोध किया, अब वे ट्रंप के निशाने पर हैं. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत आठ यूरोपीय देशों पर भारी-भरकम टैरिफ (आयात शुल्क) लगाएंगे.
खबर है कि 1 फरवरी से इन देशों के सामानों पर 10% शुल्क लागू होगा, जो जून आते-आते 25% तक बढ़ जाएगा. अमेरिका के इस कदम ने निवेशकों को डरा दिया है. जब भी दो बड़े देशों में व्यापार युद्ध (Trade War) की स्थिति बनती है, तो लोग करेंसी या शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने-चांदी में लगाना सुरक्षित समझते हैं, और यही अभी हो रहा है.
आमने सामने हैं अमेरिका और यूरोप
मामला सिर्फ अमेरिका की कार्रवाई तक सीमित नहीं है. यूरोपियन यूनियन (EU) भी चुप बैठने के मूड में नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अन्य यूरोपीय नेता जवाबी हमले की तैयारी कर रहे हैं. यूरोप अमेरिका के खिलाफ अपने सबसे शक्तिशाली हथियार ‘एंटी-कोर्शन इंस्ट्रूमेंट’ (ACI) का इस्तेमाल कर सकता है. इसके तहत अमेरिकी माल पर करीब 93 अरब यूरो (108 अरब डॉलर) का जवाबी टैक्स लगाने की चर्चा है.
इस तनाव का सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर दिख रहा है. सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 1.6% चढ़कर 4,668 डॉलर प्रति औंस और चांदी 93 डॉलर के पार पहुंच गई. प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी धातुओं में भी चमक लौटी है.

