भक्ति, कला और आस्था के अद्भुत संगम से तैयार हो रहे 14 मंदिर, सकारात्मक ऊर्जा से गूंजेगा अग्रवाल भवन परिसर
Bikaner News

भक्ति, कला और आस्था के अद्भुत संगम से तैयार हो रहे 14 मंदिर, सकारात्मक ऊर्जा से गूंजेगा अग्रवाल भवन परिसर

Mar 16, 2026

 

बीकानेर। गंगाशहर रोड स्थित अग्रवाल भवन परिसर में 19 से 29 मार्च तक आयोजित होने जा रहे चैत्र नवरात्रि विराट कथा यज्ञ महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कृष्णागिरी पीठाधीश्वर जगतगुरु 1008 वसंत विजयानन्द गिरी महाराज की प्रेरणा और सान्निध्य में आयोजित इस भव्य आयोजन में पहली बार बीकानेर में इतना विशाल आध्यात्मिक कार्यक्रम देखने को मिलेगा। इस महोत्सव में भक्ति, आध्यात्मिकता और भारतीय कला का अद्भुत संगम श्रद्धालुओं को अनुभव होगा।

 

 

 

आयोजन स्थल अग्रवाल भवन के विशाल मैदान में देशभर से आए कलाकारों द्वारा भव्य सजावट और निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। परिसर में 9 कुंडीय दिव्य यज्ञ वेदी, देवी भागवत कथा का विशाल पांडाल तथा विभिन्न देवी-देवताओं के 14 भव्य मंदिरों का अस्थायी निर्माण किया जा रहा है। परिसर में प्रवेश करते ही इन मंदिरों और यज्ञ स्थल की भव्यता आयोजन की विराटता का एहसास कराती है।

 

 

 

आयोजन के तहत 35 से 45 फीट ऊंचाई तक के 14 भव्य मंदिर बनाए जा रहे हैं। इनमें गणपति मंदिर, भैरव मंदिर, शिव-पार्वती मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, कृष्णगिरी पद्मावती मंदिर, धनदेश्वरी मंदिर, दुर्गा मंदिर, सिद्धिदात्री मंदिर, महागौरी मंदिर, करणी माता मंदिर, ललिता महात्रिपुर सुंदरी मंदिर, सरस्वती मंदिर, श्रीराम परिवार मंदिर और हनुमान मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों में देवी-देवताओं की अत्यंत कलात्मक झांकियां स्थापित की जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी।

 

 

 

गुरुभक्त संकेश जैन ने बताया कि इस महोत्सव में 9 कुंडीय विराट दिव्य यज्ञ, देवी भागवत कथा और भक्ति संगीत श्रृंखला का आयोजन होगा। यज्ञ में हजारों किलो मेवे, शुद्ध चंदन की लकड़ियां और देशी घी की आहूतियां दी जाएंगी, जिससे पूरे वातावरण में दिव्य सुगंध और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा। आयोजन का उद्देश्य भक्ति, समानता और सर्वकल्याण की भावना को मजबूत करना है, ताकि श्रद्धालु आध्यात्मिक साधना के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकें।

 

 

भक्ति करोगे तो सभी दुख मिट जाएंगे : जगद्गुरु वसंत विजयानंद जी महाराज

इससे पूर्व श्री पार्श्व पदमावती शक्ति पीठाधिपति, राष्ट्रसंत एवं सिद्ध साधक जगद्गुरु वसंत विजयानंद जी महाराज ने श्री पार्श्वचंद्र सूरी गच्छ जैन दादाबाड़ी (बगीची) में आयोजित अतिदिव्य एवं चमत्कारी सर्वबीज मंत्रयुक्त महामांगलिक में श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति में ऐसी शक्ति होती है जो मनुष्य के जीवन के सभी दुखों को स्वतः समाप्त कर देती है। भक्ति अमृतपान के समान है, जिसका चमत्कारिक फल श्रद्धावान को परमात्मा से साक्षात्कार कराता है।

 

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रोग, दुख, कष्ट और आर्थिक परेशानियों ने मानव जीवन को प्रभावित किया है, लेकिन सच्ची भक्ति से इन सभी समस्याओं का समाधान संभव है। महामांगलिक के श्रवण से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि 132 बीज मंत्रों की ऊर्जाशक्ति से युक्त महामांगलिक का श्रवण जीवन में परिवर्तन का कारण बन सकता है और यह विभिन्न रोगों, दुखों और नकारात्मकता से मुक्ति दिलाकर सुख-समृद्धि प्रदान करता है।