पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल के कथित ऑडियो वीडियो मामले पर कांग्रेस सख्त, कांग्रेस ने उठाया यह कदम

बीकानेर. राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बीकानेर जिले से सामने आए विवाद ने कांग्रेस के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान को उजागर कर दिया है। पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल के कथित ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद मामला अब कांग्रेस आलाकमान तक पहुंच गया है, जिसने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के निर्देश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार वायरल ऑडियो-वीडियो में गोविंद राम मेघवाल पर दिवंगत नेता रामेश्वर डूडी, वरिष्ठ नेता बीडी कल्ला और शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के आरोप लगे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद बीकानेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिला और कई जगह विरोध प्रदर्शन भी किए गए।
स्थानीय नेताओं ने इस मामले को गंभीर मानते हुए शिकायत सीधे दिल्ली स्थित कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचाई। शिकायत मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदेश अनुशासन समिति को पूरे मामले की जांच सौंपी है।
सूत्रों के मुताबिक जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस प्रकरण पर विस्तृत चर्चा होगी। समिति पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल से लिखित स्पष्टीकरण भी मांग सकती है और वायरल ऑडियो-वीडियो की सत्यता की तकनीकी जांच कराई जाएगी।
वहीं, गोविंद राम मेघवाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इसे एआई जनरेटेड और एडिटेड बताया है। उनका कहना है कि उनकी छवि खराब करने के लिए यह साजिश के तहत तैयार किया गया वीडियो है।
अनुशासन समिति ऑडियो वीडियो की जांच के साथ-साथ पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल का पक्ष भी सुनेगी, इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री मेघवाल ने पिछले दिनों अपने बयान में कहा था कि यह एआई जनरेटेड और तोड़मरोड़ कर पेश किया गया वीडियो है. प्रदेश अनुशासन समिति पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट आलाकमान को भेजेगी. पूरे प्रकरण में अंतिम फैसला दिल्ली से होगा. ऐसे में पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
अब सबकी नजरें प्रदेश अनुशासन समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो जांच के बाद कांग्रेस आलाकमान को सौंपी जाएगी। अंतिम निर्णय दिल्ली स्तर पर लिया जाएगा, जिससे पार्टी के भीतर आगे की रणनीति और सियासी समीकरण तय होंगे।

