सुजानदेसर में 26 अप्रैल को भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव: संत हीरानंद जी–देवसीदास जी मंदिर में गूंजेगा भक्ति का स्वर

बीकानेर। लोक आस्था और श्रद्धा के केंद्र बाबा रामदेव जी के अनन्य भक्त संत श्री हीरानंद जी–देवसीदास जी के नव-निर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन रविवार 26 अप्रैल को सुजानदेसर स्थित मंदिर प्रांगण में भव्य रूप से किया जाएगा। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण देखने को मिलेगा।
आयोजनकर्ता कच्छावा परिवार के डॉ. कन्हैयालाल कच्छावा ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि 17वीं शताब्दी के संत श्री हीरानंद जी–देवसीदास जी एवं उनके गुरु गोरधनदास जी की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। जहां पहले उनकी समाधि थी, उसी स्थान पर संगमरमर पत्थर से भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत रविवार सुबह 8 बजे कलश यात्रा से होगी, जो मंदिर परिसर से निकाली जाएगी। इस यात्रा में सुजानदेसर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष निर्धारित वेशभूषा में भाग लेंगे। इसके बाद सुबह 11:30 बजे मूर्ति स्थापना और दोपहर 12:30 बजे महापूजन का आयोजन होगा। दोपहर 1 बजे से महाप्रसादी शुरू होगी, जो देर शाम तक जारी रहेगी।
इससे एक दिन पूर्व 25 अप्रैल की रात्रि में सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी रखा गया है, जिससे पूरे कार्यक्रम का धार्मिक माहौल और अधिक भक्तिमय हो जाएगा।
डॉ. कच्छावा ने संत हीरानंद जी–देवसीदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे सादगी, सामाजिक समरसता और नशामुक्त जीवन के प्रेरणास्त्रोत थे। बाबा रामदेव जी की प्रेरणा से उन्होंने स्वयं भी नशे से दूर रहकर समाज को जागरूक किया। कच्छावा परिवार की परंपरा भी इसी आदर्श को आगे बढ़ाते हुए पिछले 350 वर्षों से नशामुक्त जीवन का पालन कर रही है।
उन्होंने समाज में जाति-धर्म, ऊंच-नीच और भेदभाव के खिलाफ संदेश देते हुए समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत किया। यही कारण है कि आज भी उनके अनुयायी उनके सिद्धांतों को अपनाकर समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता में लालचंद कच्छावा, हुकमचंद, किशन कुमार, प्रेम गहलोत, राजू कच्छावा, सुनील कच्छावा, पूर्व अध्यक्ष मंदिर ट्रस्ट रविशंकर कच्छावा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर महोत्सव के पोस्टर का विमोचन भी किया गया।

