कोलायत के 21 गांवों में उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग, विधायक भाटी ने स्वास्थ्य मंत्री खींवसर को सौंपा प्रस्ताव
बीकानेर. श्रीकोलायत विधानसभा क्षेत्र के दूर-दराज गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने राज्य सरकार के समक्ष बड़ी मांग रखी है। विधायक भाटी ने बुधवार को जयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से मुलाकात कर विधानसभा क्षेत्र के 21 गांवों में नवीन उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग का पत्र सौंपा।
विधायक भाटी ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि श्रीकोलायत राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है। करीब 150 किलोमीटर की परिधि में फैले इस रेगिस्तानी क्षेत्र में बड़ी संख्या में गांव और ढाणियां दूर-दूर स्थित हैं। कई गांवों में उप-स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण ग्रामीणों को सामान्य बीमारी और प्राथमिक उपचार के लिए भी तहसील या जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि लंबी दूरी के कारण मरीजों को समय पर उपचार मिलने में परेशानी होती है। इसके साथ ही ग्रामीण परिवारों पर आने-जाने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है। ऐसे में गांवों के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों की आवश्यकता है।
इन 21 गांवों के लिए मांगे उप-स्वास्थ्य केंद्र
विधायक भाटी ने तंवरवाला, बिकेन्द्री, कान्धरली, 7 एएम अखूसर, भरतसिंहपुरा, रावलोतान का तला, जुगतसिंह की ढाणी 1 सीडीवाई, फतुवाला, श्रीराम नगरी 10 आरडीवाई आबादी, शेरूवाला, 15-17 पीएसडी, 4 आरडीवाई आबादी, आरडी 860, करणपुरा, चक माधोगढ़, पंचपीठ की ढाणी, सियाणा भाटियान, खेतोलाई शिम्भू, लाडखां उर्फ नयागांव, डेह और कोटड़ा में नवीन उप-स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत करने का आग्रह किया है।
भाटी ने कहा कि इन स्थानों पर उप-स्वास्थ्य केंद्र खुलने से ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं गांव के आसपास ही मिल सकेंगी। विशेष रूप से दूरस्थ ढाणियों और गांवों के लोगों को छोटी बीमारियों के उपचार के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी
विधायक ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री से प्रस्तावों पर शीघ्र और सकारात्मक कार्रवाई करते हुए नवीन उप-स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति जारी करने का आग्रह किया।
भाटी ने कहा कि श्रीकोलायत विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव और ढाणी तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। क्षेत्रवासियों की आवश्यकताओं और जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष रखकर विकास एवं जनकल्याण के कार्यों के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

