रेलवे में बैकडोर से निजीकरण का आरोप, 8वें वेतन आयोग और कर्मचारियों की मांगों पर मंथन
Bikaner News

रेलवे में बैकडोर से निजीकरण का आरोप, 8वें वेतन आयोग और कर्मचारियों की मांगों पर मंथन

Oct 3, 2026

 

बीकानेर. नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन का वार्षिक अधिवेशन शनिवार को बीकानेर में शुरू हुआ। अधिवेशन में रेलवे कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पदोन्नति, रिक्त पदों, आउटसोर्सिंग और रेलवे में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान 8वें वेतन आयोग से रेलवे कर्मचारियों के हित में उचित सिफारिशें करवाने को लेकर भी रणनीति पर मंथन किया गया।

 

 

AIRF के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने बताया कि कर्मचारियों की कार्य जोखिम और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित वेतन, भत्ते एवं सुविधाओं से संबंधित सिफारिशों के लिए आयोग को विस्तृत मेमोरेंडम दिया गया है। इस महीने के अंत में आयोग से चर्चा कर पूरा औचित्य भी प्रस्तुत किया जाएगा

 

अधिवेशन में रेलवे के विभिन्न विभागों में बढ़ती आउटसोर्सिंग और निजीकरण को लेकर यूनियन नेताओं ने सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे में निजीकरण बैकडोर से किया जा रहा है। उनका कहना था कि रेलवे देश की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति है और इसके कोर सेक्टर को निजी हाथों में जाने से बचाने की जरूरत है।

 

 

यूनियन नेताओं ने कहा कि अडानी और अंबानी मिलकर भी पूरी रेलवे को नहीं ले सकते। नेताओं के अनुसार रेलवे के कुछ स्टेशनों और सेवाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन अभी तक निजी क्षेत्र को दिए गए स्टेशनों की संख्या दोहरे अंक से आगे नहीं गई है। यूनियन ने रेलवे में निजीकरण और आउटसोर्सिंग के खिलाफ अपनी आवाज को और मजबूत करने की बात कही।

 

 

AIRF की ओर से बताया गया कि 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

 

 

कर्मचारियों की कई मांगों पर भी चर्चा

अधिवेशन में रेलवे बोर्ड की पीएनएम बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाकर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई। इनमें ट्रैक मेंटेनर की पेट्रोलिंग 12 किलोमीटर करने, सीधी भर्ती के 10 प्रतिशत पद कम कर एलडीसीई ओपन करने, रनिंग सहित विभिन्न कैटेगरी की रिक्तियां भरने तथा एसएंडटी और टीआरडी में नए पद सृजित करने जैसी मांगें प्रमुख हैं।

 

 

AIRF के कार्यवाहक अध्यक्ष जे.आर. भोसले ने कहा कि कैडर रिस्ट्रक्चरिंग में कई कैटेगरी में उच्च ग्रेड के पदों का प्रतिशत बढ़ाने पर सहमति बन चुकी है, लेकिन रेलवे बोर्ड से आदेश जारी होने में देरी हो रही है। उन्होंने रनिंग स्टाफ को आयकर में किलोमीटर भत्ता के 70 प्रतिशत हिस्से पर स्थायी रूप से छूट देने की मांग भी उठाई।

 

 

एनडब्ल्यूआरईयू के महामंत्री मुकेश माथुर ने बताया कि अधिवेशन में जीडीसीई की नई अधिसूचना शीघ्र जारी करने, कंट्रोलर की पदोन्नति सहित जोनल स्तर के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही मोबाइल स्क्रीन के सीमित उपयोग और आवश्यकतानुसार एआई के उपयोग से संबंधित प्रस्ताव भी रखे जाएंगे

 

अधिवेशन में यूनियन ने रेलवे कर्मचारियों की लंबित मांगों को रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रभावी तरीके से उठाने और कर्मचारियों के हित में जल्द निर्णय करवाने की रणनीति पर भी चर्चा की।

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