500 कारोबारी एक मंच पर: राजपूताना बिजनेस कॉन्क्लेव में मंथन, नौकरी छोड़ उद्यमिता की ओर बढ़ने का संदेश
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500 कारोबारी एक मंच पर: राजपूताना बिजनेस कॉन्क्लेव में मंथन, नौकरी छोड़ उद्यमिता की ओर बढ़ने का संदेश

Aug 22, 2026

बीकानेर. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से आने वाले समय में पारंपरिक नौकरियों पर असर पड़ सकता है। सरकारी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं। ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी हासिल करने की सोच तक सीमित रहने के बजाय नए कौशल सीखकर व्यवसाय और उद्यमिता की तरफ कदम बढ़ाना होगा। युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की दिशा में काम करना चाहिए। यह बात राजपूताना बिजनेस नेटवर्क के तीन दिवसीय ग्रैंड कॉन्क्लेव के पहले दिन प्रमुखता से सामने आई।

 

 

 

बीकानेर के लालगढ़ पैलेस के दरबार हॉल में शुक्रवार को अखंड राजपूताना सर्व सेवा संघ के बैनर तले कॉन्क्लेव का शुभारंभ हुआ। इसमें देशभर से 500 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। आगामी सत्रों में व्यवसाय, शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, निवेश और सामाजिक विकास सहित विभिन्न विषयों पर मंथन किया जाएगा।

 

 

 

ऑनलाइन कारोबार ने बदली व्यापार की दुनिया

कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। राठौड़ ने कहा कि राजपूत समाज सदियों से समाज और राष्ट्र की सेवा करता आया है। बदलते आर्थिक परिवेश में अब सेवा के साथ आर्थिक स्वावलंबन को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

 

 

 

उन्होंने कहा कि व्यापार अब किसी शहर या क्षेत्र की भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन कारोबार ने व्यापार के तौर-तरीकों को बदल दिया है। युवाओं को नई तकनीक, डिजिटल बिजनेस और आधुनिक व्यावसायिक अवसरों के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने राजस्थान की एमएसएमई नीतियों और निवेश के अवसरों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने पर भी जोर दिया

 

 

बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने कहा कि निष्ठा, मेहनत और महिला शक्ति राजपूत समाज की ताकत रही है। उन्होंने इस तरह के आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

 

 

 

35 करोड़ खर्च कर 1200 विद्यार्थियों को जोड़ा

एमआरएस ग्रुप के चेयरमैन मेघराज सिंह शेखावत ने शिक्षा और स्वावलंबन को समाज की प्रगति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि दक्षता के साथ गुणवत्ता भी जरूरी है। उन्होंने ‘एक रुपया रोजाना’ की थीम के जरिए सामूहिक सहयोग का संदेश दिया।

 

 

 

शेखावत के अनुसार उनके द्वारा संचालित हॉस्टल परियोजना पर अब तक करीब 35 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और इससे लगभग 1200 विद्यार्थी जुड़े हैं। विद्यार्थियों की फीस, आवास और दूसरी सुविधाओं पर यह राशि खर्च की गई। इसका उद्देश्य योग्य लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध करवाना है।

 

 

 

AI को बताया युवाओं के लिए चुनौती

मेघराज सिंह रॉयल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से बढ़ता प्रभाव युवाओं के सामने बड़ी चुनौती है। आने वाले समय में एआई के व्यापक इस्तेमाल का पारंपरिक रोजगार पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए युवाओं को नए कौशल सीखने, बाजार की जरूरतों को समझने और उद्यमिता की तरफ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

 

 

 

पूर्व न्यायाधीश करणी सिंह राठौड़ ने कहा कि व्यवसाय में विनम्रता के साथ व्यावसायिक दक्षता जरूरी है। उन्होंने राजपूताना बिजनेस नेटवर्क को समाज को नए आर्थिक अवसरों से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल बताया।

 

 

 

देशभर के कारोबारियों को एक नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश

आरबीएन अध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि अखंड राजपूताना सेवा संघ देशभर के क्षत्रिय समाज के लिए एक मंच के रूप में काम कर रहा है। यह आरबीएन का पांचवां आयोजन है। इसका उद्देश्य आम क्षत्रिय को उसकी क्षमता और सामर्थ्य का अहसास करवाने के साथ कारोबारियों को नेटवर्क उपलब्ध करवाना है।

 

 

 

नेपाल के मधेश प्रोविन्स के पूर्व प्रधानमंत्री सतीश कुमार सिंह ने देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे क्षत्रिय समाज के लोगों का उत्साहवर्धन करने की बात कही। राजस्थान प्रभारी जितेंद्र सिंह शेखावत पचार ने व्यवसाय में निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता को जरूरी बताया।

 

 

 

कार्यक्रम में विक्रम सिंह नाचना ने राजतंत्र काल के इतिहास और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया। वक्ताओं ने समाज की ऐतिहासिक पहचान के साथ शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, उद्यमिता और सामाजिक सेवा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।

 

 

 

तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में देशभर से आए व्यवसायी, उद्यमी और सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधि विभिन्न सत्रों में हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य व्यावसायिक नेटवर्क मजबूत करने, युवाओं को नए अवसरों से जोड़ने और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।