बीकानेर में पार्षद टिकट के लिए दावेदारों की ‘बाढ़’, भाजपा और कांग्रेस में अब तक इतने आवेदन आए, प्रतिद्वंद्वी दावेदारों को मनाने में जुटे उम्मीदवार
बीकानेर. नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार पार्षद पद के टिकट के लिए दावेदारों की मानो बाढ़ आ गई है। कई वार्डों में 20 से 25 लोग तक अपनी उम्मीदवारी जता रहे हैं। टिकट के लिए भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों में आवेदनों का सिलसिला लगातार जारी है।
शनिवार तक कांग्रेस कार्यालय में नगर निगम के 80 वार्डों से 350 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पार्षद पद की उम्मीदवारी के लिए आवेदन किया है। वहीं भाजपा कार्यालय में आवेदनों की संख्या करीब 700 तक पहुंच गई है। इन आंकड़ों से फिलहाल भाजपा में टिकट को लेकर दावेदारों की अधिक रुचि दिखाई दे रही है।
दावेदार केवल पार्टी कार्यालय में आवेदन जमा करवाने तक सीमित नहीं हैं। वे अपने-अपने वार्डों में सक्रिय होकर जनसंपर्क करने के साथ समर्थन जुटाने में लगे हैं। दिनभर काम और जनसंपर्क के बाद शाम होते ही बैठकों का दौर शुरू हो जाता है। संभावित उम्मीदवार अपने ही वार्ड से दावेदारी जता रहे दूसरे नेताओं से संपर्क कर उन्हें मनाने और अपने पक्ष में बैठाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके पीछे कोशिश यही है कि टिकट वितरण से पहले अपनी दावेदारी को मजबूत और निर्विरोध बनाया जा सके।
भाजपा इस बार टिकट वितरण में पुराने और नए दोनों तरह के कार्यकर्ताओं की सक्रियता तथा जनाधार का आकलन कर रही है। माना जा रहा है कि कुछ वार्डों में अनुभवी और पुराने सदस्यों पर पार्टी दांव लगा सकती है, जबकि कुछ जगह नए और सक्रिय चेहरों को अवसर दिया जा सकता है। टिकट के चयन में संगठन के प्रति निष्ठा, वार्ड में पकड़, सामाजिक समीकरण और चुनाव जीतने की क्षमता महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
नगर निगम चुनाव में विभिन्न सामाजिक और विशेष संगठनों की भूमिका भी अहम होती दिखाई दे रही है। अलग-अलग स्थानों पर बैठकें आयोजित कर वार्डों की राजनीतिक स्थिति, संभावित उम्मीदवारों और मतदाताओं का रुख समझने की कोशिश की जा रही है। विभिन्न समाजों की बैठकों में अपने समाज के व्यक्ति को चुनाव मैदान में उतारने और उसे जिताने का संकल्प भी लिया जा रहा है।
टिकट मिलने से पहले ही दावेदारों ने प्रचार और जनसंपर्क तेज कर दिया है। कोई घर-घर जाकर लोगों से समर्थन मांग रहा है तो कोई सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटा है। शहर के पाटों, चौक-चौराहों और चाय की दुकानों पर भी इन दिनों नगर निगम चुनाव की ही चर्चा है। किस वार्ड से किसे टिकट मिलेगा, कौन उम्मीदवार मजबूत है और किसका दावा कमजोर पड़ सकता है—इन्हीं सवालों के बीच पूरा बीकानेर चुनावी रंग में रंगा नजर आ रहा है।

