लगातार तीसरी बार भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे श्याम सुंदर स्वामी, पैरा एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन
बीकानेर. राजस्थान के प्रतिभाशाली पैरा तीरंदाज श्याम सुंदर स्वामी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए आगामी एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए भारतीय पैरा तीरंदाजी टीम में स्थान बना लिया है. जापान के आइची और नागोया शहरों में 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इन खेलों के लिए हरियाणा के सोनीपत में आयोजित चयन ट्रायल में श्याम सुंदर स्वामी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया. उनके इस चयन से राजस्थान सहित पूरे देश में खुशी की लहर है.
भारतीय टीम के चयन के लिए आयोजित यह ट्रायल आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के शीर्ष पैरा तीरंदाजों ने हिस्सा लिया. कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच श्याम सुंदर स्वामी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपनी जगह भारतीय टीम में सुनिश्चित की. खास बात यह है कि वह लगातार तीसरी बार एशियन स्तर की प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत को दर्शाती है, बल्कि राजस्थान में तीरंदाजी खेल के बढ़ते स्तर का भी प्रमाण है.
राजस्थान आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि दो दिवसीय चयन ट्रायल में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उच्च स्तर देखने को मिला. उन्होंने कहा कि श्याम सुंदर स्वामी ने पूरे आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ मुकाबले खेले तथा दूसरे स्थान पर रहकर भारतीय टीम में चयनित हुए. उन्होंने इसे राजस्थान के खेल जगत के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया.
वहीं राजस्थान तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान में तीरंदाजी खेल के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं मिलने से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि श्याम सुंदर स्वामी आगामी पैरा एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर भारत को पदक दिलाने में सफल होंगे.
उन्होंने श्याम सुंदर स्वामी के प्रशिक्षक अनिल जोशी को भी बधाई देते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच की मेहनत, मार्गदर्शन और समर्पण का अहम योगदान होता है. प्रशिक्षक की सही रणनीति और निरंतर अभ्यास ने ही श्याम सुंदर को इस मुकाम तक पहुंचाया है.
श्याम सुंदर स्वामी के चयन की खबर सामने आते ही खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और विभिन्न संगठनों ने खुशी जाहिर की।

