सावन में झूले राधा संग श्याम: बड़ा गोपालजी मंदिर में झूलोत्सव की धूम, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
बीकानेर. सावन की फुहारों के बीच बीकानेर के मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की रौनक बनी हुई है। दम्माणी चौक स्थित बड़ा गोपालजी मंदिर में छोटी तीज से बड़ी तीज तक पारंपरिक झूलोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर में भगवान के लिए आकर्षक झूला सजाया गया है और प्रतिदिन अलग-अलग श्रृंगार किए जा रहे हैं। भगवान के झूलन दर्शन के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
मंदिर के पुजारी सन्नू महाराज ने बताया कि सावन में झूलोत्सव मनाने की परंपरा चली आ रही है। छोटी तीज से शुरू होने वाला यह उत्सव बड़ी तीज तक चलता है। इस दौरान भगवान का विशेष श्रृंगार करने के साथ झूला सजाया जाता है और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु भगवान के झूलन दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
‘राधा झूला झूल रही संग श्याम’ से गूंजा मंदिर
झूलोत्सव के तहत मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन भी किया गया। भक्त झंवरलाल व्यास ने सावन और राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने ‘सावन की बरसी ठंडी फुहार, पेड़ों पर लगी झूलों की कतार’ और ‘राधा झूला झूल रही संग श्याम’ जैसे भजन प्रस्तुत किए। भजनों की धुन पर श्रद्धालु भी भक्ति में झूमते नजर आए।
झूलोत्सव के कारण मंदिर परिसर में सावन की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिल रही है। सजे हुए झूले और भगवान के मनमोहक श्रृंगार के बीच श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और भजन संध्या में हिस्सा लिया।
श्रद्धालु संभाल रहे आयोजन की व्यवस्थाएं
धार्मिक आयोजन में मान्यता, पूजा स्वामी, मानसी, खुशी, वर्षा, हेमलता व्यास और वरुण स्वामी सहित अन्य श्रद्धालु व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं। वहीं रामकुमार पारीक, डॉ. नरेंद्र कल्ला और इंद्र कुमार व्यास सहित मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और सेवाभावी कार्यकर्ताओं का भी आयोजन में सहयोग मिल रहा है।
झूलोत्सव के चलते बड़ा गोपालजी मंदिर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। बड़ी तीज तक भगवान के विशेष श्रृंगार और झूलन दर्शन का क्रम जारी रहेगा।

