होटल में इंटरव्यू, वार्ड में फोन, ऐसे परखी जा रही दावेदारों की ताकत
बीकानेर. नगर निकाय चुनाव नजदीक आते ही भाजपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर खींचतान तेज हो गई है। पार्षद पद के दावेदार बड़े नेताओं के घर और कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। हर कोई किसी न किसी तरह पार्टी का टिकट हासिल करने की जुगत में जुटा है। वहीं दोनों प्रमुख राजनीतिक दल टिकट वितरण से पहले दावेदारों की जमीनी पकड़ और जीत की संभावनाओं को परखने में लगे हैं।
इन दिनों पार्टी कार्यालयों में दावेदारों और कार्यकर्ताओं की भीड़ दिखाई दे रही है, जबकि वरिष्ठ नेता होटलों के बंद कमरों में टिकटों को लेकर गुप्त मंत्रणा कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी बीकानेर नगर निगम के सभी 80 वार्डों से टिकट मांगने वाले दावेदारों को एक होटल में बुलाया है। यहां संगठन के पदाधिकारी प्रत्येक दावेदार से अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं। दावेदारों को अकेले आने की सूचना दी गई है, ताकि उनसे वार्ड की वास्तविक राजनीतिक स्थिति पर खुलकर चर्चा की जा सके।
जानकारी के अनुसार बातचीत के दौरान दावेदारों से उनके वार्ड के करीब 20 प्रमुख लोगों के नाम और मोबाइल नंबर भी मांगे जा रहे हैं। इनमें स्थानीय मतदाता, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रभावशाली व्यक्ति और वार्ड की राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। इसके बाद कांग्रेस पदाधिकारी इन नंबरों पर फोन कर संबंधित दावेदार की जमीनी स्थिति, जनता के बीच उसकी छवि, सक्रियता और संभावित वोट बैंक की जानकारी जुटा रहे हैं।
वार्डों के लोगों के पास कांग्रेस पदाधिकारियों के फोन आने भी शुरू हो गए हैं। फोन पर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि टिकट मांग रहा दावेदार वार्ड में कितना सक्रिय है, उसे कितने लोगों का समर्थन मिल सकता है और चुनाव मैदान में उतारे जाने पर उसकी जीत की संभावना कितनी है। कांग्रेस की इस कवायद को टिकट वितरण से पहले कराया जा रहा आंतरिक ‘फोन सर्वे’ माना जा रहा है।
पार्टी केवल आवेदन और नेताओं की सिफारिश के आधार पर टिकट देने के बजाय दावेदार की वास्तविक पकड़ का आकलन करना चाहती है। ऐसे में दावेदारों की ओर से दिए गए 20 मोबाइल नंबर अब उनकी टिकट की राह आसान भी कर सकते हैं और मुश्किल भी। फिलहाल होटल के बंद कमरों में चल रही इस मंत्रणा और फोन सर्वे ने कांग्रेस के दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

