‘व्यापारियों को समय पर भुगतान और किसानों की उपज को उचित बाजार दिलाना प्राथमिकता’—जयदयाल डूडी
बीकानेर. कच्ची आढ़त व्यापार संघ के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी जयदयाल डूडी ने मंडी की बोली व्यवस्था सुधारने, व्यापारियों की भुगतान संबंधी समस्या समाप्त करने और किसानों की उपज समय पर बिकवाने को अपने चुनाव के प्रमुख मुद्दे बताया है। उनका कहना है कि वे पद के लिए नहीं, बल्कि मंडी से जुड़े व्यापारियों और किसानों की समस्याओं का समाधान करवाने के उद्देश्य से चुनाव लड़ रहे हैं।
नोखा क्षेत्र के बिरमसर निवासी जयदयाल डूडी का परिवार लंबे समय से बीकानेर अनाज मंडी के कच्ची आढ़त कारोबार से जुड़ा है। उनके पिता भी मंडी में कच्ची आढ़त का काम करते थे। अब डूडी पारिवारिक व्यापार और अनुभव को आगे बढ़ा रहे हैं।
सवाल: अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का निर्णय क्यों लिया?
जयदयाल डूडी: मंडी में व्यापारियों और किसानों से जुड़ी कई समस्याएं हैं, जिनका सामूहिक प्रयास से समाधान किया जा सकता है। व्यापारियों के हितों की रक्षा करने और मंडी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरा हूं।
सवाल: आपकी सबसे प्रमुख प्राथमिकता क्या रहेगी?
डूडी: मंडी में उपज की बोली लगाने की व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना पहली प्राथमिकता है। किसानों की उपज मंडी में आने के बाद समय पर बिकनी चाहिए। इससे किसान को इंतजार नहीं करना पड़ेगा और व्यापार भी सुचारू रूप से चलेगा।
सवाल: भुगतान की समस्या को लेकर आपकी क्या योजना है?
डूडी: भुगतान में देरी व्यापारियों के सामने बड़ी समस्या है। ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे लेन-देन में पारदर्शिता आए और व्यापारी को उसका भुगतान जल्द मिल सके। भुगतान संबंधी विवादों को संघ के स्तर पर बातचीत और समन्वय से हल करवाने की कोशिश की जाएगी।
सवाल: किसानों के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
डूडी: किसान मंडी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनका माल समय पर बिके, उन्हें उचित व्यवस्था मिले और मंडी परिसर में अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़े—इसके लिए काम करेंगे। व्यापारियों के हितों के साथ किसानों के हितों की रक्षा करना भी आवश्यक है।
सवाल: संघ को लेकर आपका क्या दृष्टिकोण है?
डूडी: संघ को केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने के बजाय पूरे कार्यकाल व्यापारियों के बीच रहना चाहिए। प्रत्येक व्यापारी की समस्या सुनी जाए और सामूहिक निर्णय के आधार पर उसका समाधान किया जाए। चुनाव जीतने पर सभी व्यापारियों को साथ लेकर काम करूंगा।
डूडी ने बताया कि बीकानेर अनाज मंडी वर्ष 1983 में स्थापित हुई थी और संघ में लंबे समय तक आपसी सहमति से अध्यक्ष चुने जाते रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि व्यापारी उनके अनुभव, कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को देखते हुए समर्थन देंगे।

