रोबोटिक सर्जरी और जटिल फिस्टुला पर मंथन, ASIRAJ-2026 में एसपी मेडिकल कॉलेज के युवा चिकित्सकों का दबदबा
बीकानेर. एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया, राजस्थान चैप्टर के वार्षिक सम्मेलन ASIRAJ-2026 का रविवार को रिद्धि-सिद्धि रिसॉर्ट में भव्य समापन हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से पहुंचे वरिष्ठ सर्जन्स, विशेषज्ञों और युवा चिकित्सकों ने आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों, जटिल रोगों के उपचार और सर्जरी के बदलते स्वरूप पर अपने अनुभव साझा किए।
सम्मेलन का आयोजन सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज एवं पीबीएम अस्पताल, बीकानेर के सर्जरी विभाग तथा बीकानेर सर्जन्स सोसायटी के सहयोग से किया गया। सम्मेलन में वैज्ञानिक सत्रों के साथ शोधपत्र, ई-पोस्टर, वीडियो प्रस्तुति और स्नातकोत्तर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं।
बीकानेर के युवा चिकित्सकों ने जीते कई पुरस्कार
ASIRAJ-2026 की विभिन्न अकादमिक प्रतियोगिताओं में एसपी मेडिकल कॉलेज के युवा चिकित्सकों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतिस्पर्धात्मक ई-पोस्टर प्रस्तुति में एसपी मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रतीक मंगल ने प्रथम स्थान हासिल किया। एमएएमसी अग्रोहा, हिसार की डॉ. दिव्यांशी दूसरे और एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर की डॉ. कीर्ति तीसरे स्थान पर रहीं।
प्रतिस्पर्धात्मक शोधपत्र प्रस्तुति में भी एसपी मेडिकल कॉलेज का दबदबा रहा। डॉ. अदिति काजला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के डॉ. प्रतीक देव दूसरे और एसपी मेडिकल कॉलेज बीकानेर के डॉ. प्रतीक मंगल तीसरे स्थान पर रहे।
स्नातकोत्तर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी एसपी मेडिकल कॉलेज बीकानेर की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। डॉ. आकाश और डॉ. माधुर्या की टीम विजेता रही। जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर की टीम दूसरे और एम्स जोधपुर की टीम तीसरे स्थान पर रही।
श्रेष्ठ शोधपत्र प्रस्तुति की संकाय श्रेणी में डॉ. संजय शर्मा तथा गैर-संकाय श्रेणी में डॉ. रामेश्वर को श्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया।
रोबोटिक सर्जरी और जटिल फिस्टुला पर हुआ मंथन
समापन दिवस के वैज्ञानिक सत्रों में आधुनिक शल्य चिकित्सा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। नसों के आधुनिक उपचार, आपात स्थिति में इन्ग्वाइनल हर्निया, संयोगवश सामने आने वाले पित्ताशय के कैंसर और इन्ग्वाइनल हर्निया में रोबोटिक सर्जरी जैसे विषय प्रमुख रहे।
जटिल लिवर, अग्न्याशय और पित्त मार्ग की सर्जरी पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। कठिन पित्ताशय सर्जरी के दौरान समय रहते समस्या की पहचान, मरीज की स्थिति का पुनर्मूल्यांकन और सुरक्षित उपचार संबंधी निर्णयों पर भी चर्चा हुई।
जटिल फिस्टुला के प्रबंधन पर विशेष परिचर्चा सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रही। आयोजन सचिव एवं सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोहर एल. दवाँ सहित विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार विकल्पों और अपने व्यावहारिक अनुभवों को साझा किया।
इसके अलावा लिवर की सिस्टिक समस्याओं, कैंसर की जटिल सर्जरी, आंतों के पुनर्निर्माण, दूरबीन एवं रोबोटिक तकनीक से हर्निया उपचार, कठिन पित्ताशय सर्जरी, अग्न्याशय एवं तिल्ली की सर्जरी तथा सर्जन्स द्वारा ईआरसीपी जैसे विषयों पर भी प्रस्तुतियां दी गईं।
युवा सर्जन्स को मिला शोध का मंच
सम्मेलन में युवा चिकित्सकों और रेजिडेंट्स ने सर्जरी के बाद आंतों के जोड़ से रिसाव, पुरानी गुदा विदर, पेट की गंभीर चोट, पित्त की पथरी, अपेंडिक्स, दूरबीन से पित्ताशय की सर्जरी, हर्निया, इलियोस्टॉमी और ऑपरेशन के बाद मरीज को तेजी से स्वस्थ करने की उपचार पद्धतियों सहित कई विषयों पर शोध प्रस्तुत किए।
इसके साथ ही आंतों में छेद, लिवर में फोड़ा, ऑपरेशन के बाद होने वाली जटिलताओं और बवासीर जैसे विषयों पर भी चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए।
नई तकनीक का उद्देश्य मरीज को बेहतर उपचार : डॉ. दवाँ
आयोजन सचिव एवं सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोहर एल. दवाँ ने कहा कि ASIRAJ-2026 का उद्देश्य केवल चिकित्सकीय ज्ञान का आदान-प्रदान करना नहीं, बल्कि आधुनिक सर्जरी की नई तकनीकों, शोध और व्यावहारिक अनुभवों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना था। वरिष्ठ विशेषज्ञों के अनुभव और युवा सर्जन्स के शोध का यह संगम भविष्य की शल्य चिकित्सा को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मददगार साबित होगा।
उन्होंने कहा कि नई तकनीक और वैज्ञानिक विचार-विमर्श का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसका परिणाम मरीजों को सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर उपचार के रूप में मिले। उन्होंने सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों, रेजिडेंट्स और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
तीन दिनों तक चले ASIRAJ-2026 का समापन ज्ञान, शोध और नवाचार के संदेश के साथ हुआ। सम्मेलन ने बीकानेर को आधुनिक शल्य चिकित्सा से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बनाया।

