बीकानेर के बंगाली मंदिर में सप्तमी पर मां दुर्गा की विशेष पूजा, बांग्ला परिधान में सोलह शृंगार कर पहुंचीं महिलाएं
Bikaner News Dharm Karam

बीकानेर के बंगाली मंदिर में सप्तमी पर मां दुर्गा की विशेष पूजा, बांग्ला परिधान में सोलह शृंगार कर पहुंचीं महिलाएं

Oct 19, 2026

बीकानेर. शारदीय नवरात्र के अवसर पर बीकानेर के बंगाली मंदिर में बंगाल की धार्मिक संस्कृति और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। सप्तमी के अवसर पर मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना श्रद्धा और उल्लास के साथ की गई। सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पूजा-पाठ, शंख ध्वनि और मां दुर्गा के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

 

 

सप्तमी पूजा के दौरान महिलाओं ने मंदिर में आकर्षक रंगोली सजाई। इसके बाद कोलकाता से आए पंडित काजोल चक्रवर्ती ने पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाजों के अनुसार विधि-विधान से पूजा करवाई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को चावल, बताशे, विभिन्न प्रकार के पुष्प और कमल के फूल अर्पित किए। इस दौरान भक्तों ने मां के समक्ष शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

 

 

बांग्ला परिधान और सोलह शृंगार में पहुंचीं महिलाएं

सप्तमी पूजा के दौरान बंगाली समुदाय की महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक बांग्ला परिधान पहनकर और सोलह शृंगार कर मंदिर पहुंचीं। कुछ महिलाओं ने मां दुर्गा की छवि और प्रिंट वाले विशेष वस्त्र भी धारण किए, जो आकर्षण का केंद्र रहे।

 

 

पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने शंख बजाकर मां दुर्गा की आराधना की। भक्ति गीतों और ढोलक की थाप के बीच पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

 

 

खिचड़ी, पांच प्रकार की सब्जियों और बैंगन के पकौड़ों का भोग

सप्तमी के अवसर पर मंदिर में विशेष प्रसाद तैयार किया गया। श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी, पांच प्रकार की सब्जियों और बैंगन के पकौड़ों का प्रसाद बनाया गया। इसके अलावा सेब, सिंघाड़े और अन्य मौसमी फलों का प्रसाद भी वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बंगाली परंपरा के अनुसार तैयार किए गए भोग ने आयोजन को खास बना दिया।

 

 

कोलकाता हादसे में मृतकों को दी श्रद्धांजलि

धार्मिक आयोजन के दौरान कोलकाता के चोरबागान क्षेत्र में हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई। मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

 

 

महाआरती के साथ होगा धुनुची नृत्य

सप्तमी पूजा के तहत शाम को महाआरती के साथ पारंपरिक धुनुची नृत्य का आयोजन होगा। बंगाली दुर्गा पूजा में धुनुची नृत्य का विशेष महत्व है। इसमें श्रद्धालु पारंपरिक धुनुची लेकर मां दुर्गा के समक्ष नृत्य करते हुए अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। इस आयोजन में महिलाओं के बढ़-चढ़कर भाग लेने की उम्मीद है।

 

 

बंगाली मंदिर में आयोजित दुर्गा पूजा के माध्यम से बीकानेर में बंगाल की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिल रही है। पारंपरिक पूजा-पद्धति, बांग्ला परिधान, शंख ध्वनि और विशेष भोग-प्रसाद के बीच मंदिर में नवरात्र का उत्सवी माहौल बना हुआ है।

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