राजस्थान का भूगोल फिर बदला, इस विधानसभा को अलग अलग भागों ने बांटा
राजनीतिक मायनों में इस पुनर्सीमांकन ने हलचल मचा दी है। वर्ष 2023 में जिलों की घोषणा हुई थी, जिसमें बालोतरा को नया जिला बनाया गया था। बाड़मेर से बालोतरा अलग होने पर बायतु विधानसभा बालोतरा में चली गई थी। सिणधरी भी बालोतरा में शामिल हो गया था।
अब बदलाव करते हुए बायतु को वापस बाड़मेर में शामिल कर दिया गया है, लेकिन बायतु विधानसभा को अलग-अलग भागों में बांट दिया गया है। गुड़ामालानी विधानसभा की नोखड़ा तहसील और पंचायत समिति आड़ेल व मागता को बाड़मेर में शामिल किया गया है।
कांग्रेस सरकार में बने इन जिलों का सीमांकन भाजपा के अनुकूल नहीं हुआ था। ऐसे में अब नए सिरे से सीमांकन करने की प्रक्रिया के तहत आदेश किए गए हैं। इससे बायतु विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
पहले बालोतरा जिला पायला कला तक था, अब सिणधरी उपखंड के अलावा गुड़ामालानी और धोरीमन्ना का इलाका भी बालोतरा जिले में शामिल कर लिया गया है। इससे गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा बालोतरा जिले में आ गया है।
जिलों के पुनर्सीमांकन के बाद यह विधानसभा परिसीमन का भी आधार बन सकता है। जानकारों की मानें तो विधानसभा परिसीमन में बालोतरा में गिड़ा-पाटोदी और अन्य क्षेत्रों को मिलाकर एक नई विधानसभा के सृजन की भूमिका तैयार हो सकती है। इधर सिणधरी और धोरीमन्ना को मिलाकर गुड़ामालानी विधानसभा का नया खाका तैयार किया जा सकता है। भाजपा संगठनात्मक दृष्टि से बालोतरा जिले में हमेशा गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को साथ लेकर चलती रही है, अब जिले को उसी तर्ज पर पुनर्गठन कर दिया है।

