कैमल फेस्टिवल के प्रचार को लेकर खड़ा हुआ नया विवाद, इन्फ्लूएंसर बनाम मीडिया आमने-सामने, मीडियाकर्मियों में गहरी नाराजगी
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कैमल फेस्टिवल के प्रचार को लेकर खड़ा हुआ नया विवाद, इन्फ्लूएंसर बनाम मीडिया आमने-सामने, मीडियाकर्मियों में गहरी नाराजगी

Jan 1, 2026
बीकानेर. विश्व प्रसिद्ध कैमल फेस्टिवल के प्रचार-प्रसार को लेकर इस बार नया विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा फेस्टिवल के प्रचार की जिम्मेदारी सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स को सौंपे जाने के फैसले से स्थानीय पत्रकारों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
मीडियाकर्मियों का आरोप है कि वर्षों से फेस्टिवल की पहचान बनाने वाले पत्रकारों की अनदेखी कर प्रशासन एकतरफा निर्णय ले रहा है।
पत्रकारों का कहना है कि कैमल फेस्टिवल जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन को पहचान दिलाने में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया की अहम भूमिका रही है। देश-विदेश तक इस उत्सव की खबरें पहुंचाने में पत्रकारों ने लगातार मेहनत की, लेकिन अब प्रशासन सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स को तरजीह देकर मीडिया को हाशिये पर धकेल रहा है।
कैमल फेस्टिवल केवल रंगीन तस्वीरों और रील्स का विषय नहीं है। इसके साथ जुड़े ऊंट पालक, लोक कलाकार, कारीगर और स्थानीय व्यापारी भी इस उत्सव का अहम हिस्सा हैं। इनकी समस्याएं और अपेक्षाएं सामने लाने का काम मीडिया ही करता है, जिसे नजरअंदाज करना आयोजन की आत्मा के साथ समझौता होगा।
मीडियाकर्मियों ने सवाल उठाया है कि इन्फ्लूएंसर्स को सरकारी संसाधनों और विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि पत्रकारों को न तो समुचित सूचना दी जा रही है और न ही कवरेज की स्पष्ट व्यवस्था। इससे न केवल मीडिया की उपेक्षा हो रही है, बल्कि निष्पक्ष और तथ्यपरक प्रचार पर भी असर पड़ने की आशंका है।
पत्रकारों का कहना है कि वे प्रचार के विरोध में नहीं हैं, लेकिन मीडिया और सोशल मीडिया में संतुलन होना चाहिए। केवल इन्फ्लूएंसर्स के भरोसे आयोजन का प्रचार करना प्रशासन की दूरदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक तेजी से पहुंच बनाने के उद्देश्य से इन्फ्लूएंसर्स को जोड़ा गया है।
कुछ वरिष्ठ मीडियाकर्मियों का कहना है कि इन्फ्लूएंसर आज हैं, कल नहीं भी हो सकते, लेकिन मीडिया का रिकॉर्ड स्थायी होता है। अखबारों और न्यूज पोर्टलों में प्रकाशित खबरें ही भविष्य में कैमल फेस्टिवल का दस्तावेज बनेंगी। ऐसे में मीडिया को दरकिनार करना दूरगामी तौर पर नुकसानदेह साबित हो सकता है।