पर्यावरणप्रेमियों ने हाथ बांधकर किया सांकेतिक प्रदर्शन, मौन जुलूस निकाला, आँख पर पट्टी बांधकर विरोध किया
बीकानेर. बीकानेर में चल रहा खेजड़ी बचाओ आंदोलन तीसरे दिन बुधवार को और अधिक तीव्र होता नजर आया. आंदोलन के तहत 363 से अधिक साधु-संत और पर्यावरणप्रेमी लगातार आमरण अनशन पर डटे हुए हैं. देशभर से आए पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बुधवार को एक अनोखा और भावनात्मक प्रदर्शन करते हुए आपस में हाथ बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया. इस प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलनकारियों ने सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की कि उनके हाथ भले ही बांधे जा सकते हैं, लेकिन पर्यावरण बचाने का उनका संकल्प नहीं.
धरनास्थल पर बड़ी संख्या में माताएं और बहनें भी मौजूद रहीं। कई लोग हाथों में तख्तियां लेकर खेजड़ी संरक्षण का संदेश देते नजर आए, वहीं एक पर्यावरणप्रेमी आंखों पर पट्टी बांधकर मौन विरोध करता दिखाई दिया. महिलाओं द्वारा मंगलगीत गाए जाने से धरनास्थल पर भावनात्मक माहौल बन गया.
आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट के सामने खेजड़ी की पूजा की गई और मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया गया. संत स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने सभी पर्यावरणप्रेमियों से आह्वान किया कि वे आज एक दिन का उपवास रखें. उन्होंने कहा कि जो लोग धरनास्थल पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे अपने-अपने घरों में रहकर खेजड़ी की रक्षा के संकल्प के साथ उपवास करें. आंदोलन को कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थन दिया है.

