हादसे ने समझाई जिंदगी की कीमत, 9 साल से साइकिल पर हेलमेट पहनकर दे रहे सुरक्षा का संदेश
Bikaner News

हादसे ने समझाई जिंदगी की कीमत, 9 साल से साइकिल पर हेलमेट पहनकर दे रहे सुरक्षा का संदेश

Aug 14, 2026

 

बीकानेर. एक सड़क हादसा जिंदगी में ऐसा मोड़ लेकर आया कि बीकानेर के पुलिस कांस्टेबल बस्तीराम बिश्नोई ने हेलमेट को अपनी जिंदगी का मिशन बना लिया। सीआईडी (सीबी) रेंज सेल, बीकानेर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर प्रसाद शर्मा के चालक के रूप में कार्यरत बस्तीराम पिछले करीब 9 वर्षों से ‘मेरी साइकिल, मेरा हेलमेट’ अभियान चला रहे हैं। वे रोजाना 15 से 20 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं और इस दौरान हेलमेट पहनकर लोगों को सड़क सुरक्षा का संदेश देते हैं।

 

 

 

 

एक हादसे ने बदल दी सोच

बस्तीराम बताते हैं कि वर्ष 2018 में घर से कार्यालय जाते समय पीबीएम अस्पताल के पास उन्होंने एक दर्दनाक सड़क हादसा देखा। बिना हेलमेट बाइक चला रहा एक युवक अचानक संतुलन बिगड़ने से सड़क पर गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट आई। उसे उपचार के लिए पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में मेदांता अस्पताल रेफर किया गया। चार दिन उपचार के बाद युवक की मौत हो गई।

 

 

 

अखबार में इस घटना के बारे में पढ़ने के बाद बस्तीराम अंदर तक झकझोर गए। उन्होंने उसी दिन संकल्प लिया कि वे स्वयं हमेशा हेलमेट पहनेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। इसके बाद उन्होंने साइकिल चलाते समय भी हेलमेट पहनना शुरू कर दिया।

 

 

 

‘हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए है’

पिछले 9 वर्षों से बस्तीराम रोजाना 15-20 किलोमीटर साइकिल चलाते हुए हेलमेट पहनते हैं। उनका कहना है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ यातायात नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि खुद उदाहरण बनकर लोगों को जागरूक करना है।

 

 

 

उनका संदेश साफ है— “हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए है।”

सम्मान से बढ़ा हौसला

बस्तीराम के सड़क सुरक्षा अभियान को विभिन्न स्तरों पर सम्मान भी मिला है। 30 दिसंबर 2025 को डीजीपी ट्रैफिक अनिल पालीवाल ने उन्हें 5 हजार रुपए नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र दिया। 9 जनवरी 2026 को केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बीकानेर ट्रेड फेयर एक्सपो में स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

 

 

 

इसके अलावा अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा मुकाम, आईजीपी मानवाधिकार, आईजीपी रेंज बीकानेर, संभागीय आयुक्त और जाम्भाणी साहित्य अकादमी की ओर से भी उन्हें प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

 

 

 

24 मई 2026 को उन्होंने राजस्थान पुलिस के ‘संडे ऑन साइकिल’ के 27वें संस्करण में 3 आरएसी, बीकानेर के साथ सहभागिता की। वहीं 7 जून 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने ‘मेरी साइकिल, मेरा हेलमेट’ अभियान की साइकिल का 9वां जन्मदिन केक काटकर मनाया।

 

 

 

खुद उदाहरण बनकर दे रहे संदेश

बस्तीराम का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनका प्रयास है कि लोग हेलमेट को सिर्फ चालान से बचने का साधन न समझें, बल्कि इसे अपने और अपने परिवार की जिंदगी की सुरक्षा से जोड़ें।

 

 

 

एक हादसे ने उन्हें जिंदगी की कीमत समझाई और उसी हादसे ने उन्हें हेलमेट जागरूकता का संदेशवाहक बना दिया। आज उनका ‘मेरी साइकिल, मेरा हेलमेट’ अभियान सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की एक प्रेरणादायी मिसाल बन चुका है।