180 दिव्यांगजनों को मिले इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ, आत्मनिर्भर जीवन की जगी नई उम्मीद
बीकानेर. रोटरी क्लब बीकानेर की ओर से आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ शिविर के पहले दिन करीब 180 जरूरतमंद दिव्यांगजनों को आधुनिक कृत्रिम हाथ लगाए गए। कृत्रिम हाथ मिलने के बाद लाभार्थियों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाना है।
यह शिविर इनाली फाउंडेशन पुणे, रोटरी क्लब ऑफ पुणे तथा आचार्य श्री नानेश रोटरी नेत्र चिकित्सालय गंगाशहर के सहयोग से आयोजित किया गया। आयोजन स्वर्गीय सुन्दर देवी डागा धर्मपत्नी स्वर्गीय चम्पालाल डागा की स्मृति में किया गया।
शिविर में विशेषज्ञों की टीम ने प्रत्येक लाभार्थी की शारीरिक स्थिति और आवश्यकता के अनुसार जांच एवं माप लिया। इसके बाद उन्हें आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ उपलब्ध करवाए गए। विशेषज्ञों ने लाभार्थियों को कृत्रिम हाथ लगाने, संचालित करने और उसकी देखभाल करने का प्रशिक्षण भी दिया।
रोटरी क्लब बीकानेर के अध्यक्ष रोटेरियन प्रवीण गुप्ता ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास लौटाना ही सच्ची मानव सेवा है। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों के लिए ऐसे सेवा प्रकल्प आयोजित करता रहेगा।
क्लब के सचिव रोटेरियन कुनाल कोचर ने बताया कि शिविर के पहले दिन करीब 180 लाभार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ लगाए गए। उन्होंने शिविर की सफलता के लिए सहयोगी संस्थाओं, विशेषज्ञों, रोटरी सदस्यों और सहयोगकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इतने बड़े मानवीय सेवा प्रकल्प को सफल बनाया जा सकता है।
दो दिवसीय शिविर का समापन समारोह 2 सितंबर को शाम 6 बजे रोटरी क्लब प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। समारोह में शिविर से लाभान्वित दिव्यांगजन एवं उनके परिजन, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ, रोटरी सदस्य और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

