देहदान जागरूकता में उत्कृष्ट योगदान, विनय थानवी ‘महर्षि दधीचि सम्मान’ से अलंकृत
बीकानेर. पत्रकारिता के माध्यम से अंगदान और देहदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार विनय थानवी को ‘महर्षि दधीचि सम्मान’ से अलंकृत किया गया। शनिवार को सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के सभागार में महर्षि दधीचि जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग और अखिल भारतीय दाधीच फाउंडेशन, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समारोह में विनय थानवी को पत्रकारिता के माध्यम से आमजन तक देहदान का महत्व पहुंचाने, इससे जुड़ी भ्रांतियां दूर करने तथा लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने पर मोटिवेटर के रूप में सम्मानित किया गया।
पुष्पमाला, उपरणा और स्मृति चिह्न से किया अभिनंदन
समारोह में शिवबाड़ी मठ के महंत स्वामी विमर्शानंद गिरी महाराज, अग्नि अखाड़ा के स्वामी वसुन्दरानन्द महाराज, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. रेखा आचार्य, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि और अखिल भारतीय दाधीच फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार दाधीच उपस्थित रहे।
अतिथियों ने विनय थानवी को पुष्पमाला पहनाकर और उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्हें महर्षि दधीचि का तैलचित्र तथा स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया।
सकारात्मक संदेश फैलाना प्राथमिकता: थानवी
सम्मान प्राप्त करने के बाद विनय थानवी ने आयोजन समिति और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महर्षि दधीचि का जीवन त्याग, सेवा और परमार्थ का सर्वोच्च उदाहरण है। देहदान और अंगदान चिकित्सा शिक्षा तथा जरूरतमंद मरीजों के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
थानवी ने कहा कि वे अपनी लेखनी और पत्रकारिता के माध्यम से देहदान एवं अंगदान जैसे जीवनदायी अभियानों के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
समारोह में वक्ताओं ने भी थानवी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से देहदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर समाज को जागरूक करना प्रशंसनीय और अनुकरणीय पहल है। पत्रकारिता जब सामाजिक सरोकारों से जुड़ती है तो वह समाज में व्यापक और सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनती है।

