कुलगुरु के औचक निरीक्षण में कई महाविद्यालयों में नहीं मिले स्टाफ और विद्यार्थी, कार्रवाई के निर्देश
बीकानेर. महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शनिवार को विश्वविद्यालय क्षेत्राधिकार के अधीन भादरा स्थित छह महाविद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ के साथ विद्यार्थी भी उपस्थित नहीं मिले। एक शिक्षण संस्थान की ओर से निरीक्षण के दौरान आवश्यक रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं करवाया गया।
कुलगुरु ने दायित्व ग्रहण करते समय विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में ‘नॉन-अटेंडिंग’ व्यवस्था समाप्त कर विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में उन्होंने शनिवार को श्री श्याम महिला महाविद्यालय, श्री श्याम सह शिक्षा महाविद्यालय, श्री श्याम शिक्षक-प्रशिक्षण महाविद्यालय, श्री बाल गंगाधर तिलक महाविद्यालय, एकलव्य महाविद्यालय एवं श्री गोदारा शिक्षक-प्रशिक्षण महाविद्यालय का अचानक निरीक्षण किया।
विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी डॉ. उमेश शर्मा के अनुसार, निरीक्षण के दौरान उक्त महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ तथा विद्यार्थी उपस्थित नहीं पाए गए। वहीं श्री श्याम शिक्षण संस्थान की ओर से निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं करवाया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कुलगुरु ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और संबंधित महाविद्यालयों के विरुद्ध विश्वविद्यालय के नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थी हित विश्वविद्यालय के लिए सर्वोपरि है। संबद्ध महाविद्यालयों को नियमित रूप से पात्र शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन कार्य करवाना होगा तथा संबद्धता की सभी शर्तों की पालना करते हुए विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवानी होंगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के निर्देशों की अवहेलना करने वाले महाविद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित महाविद्यालय की संबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।

