पीबीएम में इलाज से पहले फंड का इंतजार! MAA योजना में 3-4 दिन की देरी, कैंसर मरीजों की बढ़ी परेशानी
बीकानेर. पीबीएम अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां MAA योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों के उपचार में देरी का बड़ा मामला सामने आया है। मरीज के निर्धारित पैकेज की राशि खत्म होने के बाद आगे के इलाज और जरूरी दवाइयों के लिए Fund Enhancement (Annexure-5) की मंजूरी में 3 से 4 दिन का समय लग रहा है। खासकर कैंसर मरीजों के लिए यह देरी चिंता का विषय बनी हुई है। मामले को लेकर पीबीएम अधीक्षक को पत्र लिखकर फंड की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की गई है।
25 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) के तहत पात्र परिवारों को ₹25 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलता है। इसका मतलब यह नहीं है कि मरीज को ₹25 लाख रुपये नकद मिलते हैं। योजना में शामिल अस्पताल में निर्धारित पैकेज के अनुसार इलाज का खर्च योजना के तहत कवर किया जाता है।
कैंसर सहित अलग-अलग बीमारियों के लिए योजना में अलग-अलग पैकेज निर्धारित हैं। मरीज की बीमारी और उपचार के प्रकार के अनुसार पैकेज और उसकी राशि तय होती है। कैंसर के मरीजों को जरूरत के अनुसार सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और अन्य उपचार पैकेज के तहत उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
पैकेज खत्म होने के बाद बढ़ता है इंतजार
MAA योजना के तहत मरीज को निर्धारित पैकेज के अनुसार भर्ती कर उपचार दिया जाता है। इलाज के दौरान यदि पैकेज में निर्धारित राशि खत्म हो जाती है, लेकिन मरीज को अभी और उपचार या दवाइयों की जरूरत है, तो अस्पताल की ओर से Annexure-5 ऑनलाइन अपलोड कर Fund Enhancement के लिए आवेदन किया जाता है।
यही प्रक्रिया फिलहाल मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। Fund Enhancement की मंजूरी मिलने में 3-4 दिन लगने के कारण मंजूरी मिलने तक आगे की आवश्यक दवाइयां और उपचार उपलब्ध कराने में दिक्कत सामने आ रही है।
कैंसर मरीजों में चिंता ज्यादा
कैंसर मरीजों के उपचार में समय पर दवाइयां और उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अतिरिक्त फंड की स्वीकृति के लिए कई दिनों तक इंतजार करना मरीज और उनके परिजनों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।
मरीजों के हित में मांग की गई है कि Annexure-5 की जांच और Fund Enhancement की मंजूरी की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि जरूरी होने पर अतिरिक्त फंड जल्द स्वीकृत हो और मरीजों का इलाज बीच में प्रभावित न हो।
क्या है Fund Enhancement?
सरल शब्दों में समझें तो MAA योजना में मरीज के इलाज के लिए पहले एक निर्धारित पैकेज और राशि तय होती है। यदि गंभीर बीमारी के कारण उस राशि में इलाज पूरा नहीं हो पाता और आगे उपचार जरूरी है, तो अस्पताल अतिरिक्त फंड के लिए आवेदन करता है। इसी अतिरिक्त राशि की मंजूरी को Fund Enhancement कहा जाता है।
मरीजों और उनके परिजनों की मांग है कि गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर के मामलों में Fund Enhancement के आवेदन पर जल्द निर्णय की व्यवस्था की जाए, ताकि इलाज केवल फंड की मंजूरी के इंतजार में प्रभावित न हो।

