बीकानेर की सड़कों पर गंदगी देख विदेशी पर्यटक भी हैरान, सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दिखाई शहर की हकीकत
बीकानेर. अपनी ऐतिहासिक विरासत, धार्मिक स्थलों और खानपान के लिए पहचान रखने वाले बीकानेर की सफाई व्यवस्था पर अब विदेशी पर्यटक भी सवाल उठाने लगे हैं। करीब तीन महीने तक भारत के अलग-अलग शहरों की यात्रा करने वाली विदेशी पर्यटक इनेस फरिया ने बीकानेर में अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। उन्होंने शहर के फड़ बाजार के वीडियो दिखाते हुए यहां की गंदगी और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। पर्यटक के अनुभव ने एक बार फिर शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पर्यटक के मुताबिक, भारत के कई शहरों की यात्रा के दौरान बीकानेर उन्हें सबसे ज्यादा अव्यवस्थित और गंदे शहरों में से एक लगा। शहर की सड़कों और बाजारों में जगह-जगह कचरा फैला दिखाई दिया। पैदल घूमते समय गंदगी की समस्या उनके अनुभव में प्रमुख रूप से सामने आई। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह बीकानेर को पूरे भारत का सबसे गंदा शहर नहीं बता रही हैं, क्योंकि उन्होंने देश के सभी शहरों की यात्रा नहीं की है। यह उनकी व्यक्तिगत यात्रा का अनुभव है।
फड़ बाजार के वीडियो दिखाकर बताई शहर की स्थिति
विदेशी पर्यटक इनेस फरिया ने अपने सोशल मीडिया पर बीकानेर के फड़ बाजार के वीडियो साझा किए हैं। इन वीडियो के माध्यम से उन्होंने बाजार में दिखाई देने वाली गंदगी और अव्यवस्थित हालात की ओर ध्यान दिलाया। शहर के व्यस्त बाजारों में जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई देना सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
फड़ बाजार जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाके में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में खरीदारी करने वाले लोग पहुंचते हैं। ऐसे में यहां नियमित सफाई और कचरे का उचित निस्तारण बेहद जरूरी है। बाजार में गंदगी रहने से आमजन को परेशानी होती है, वहीं बाहर से आने वाले पर्यटकों के सामने भी शहर की छवि प्रभावित हो सकती है।
गंदगी के साथ ट्रैफिक व्यवस्था पर भी सवाल
पर्यटक ने अपने अनुभव के दौरान केवल सफाई व्यवस्था का ही मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल किए। व्यस्त बाजारों में वाहनों की आवाजाही, यातायात का दबाव और अव्यवस्थित ट्रैफिक लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
शहर के प्रमुख बाजारों में यातायात को व्यवस्थित रखने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और आमजन को राहत कब मिलेगी।
पहले भी सामने आती रही हैं गंदगी की शिकायतें
बीकानेर में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोग भी समय-समय पर अपनी समस्याएं उठाते रहे हैं। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और बाजारों में कचरा जमा होने तथा गंदे पानी की समस्या की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब विदेशी पर्यटक की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए अनुभव ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, एक पर्यटक के अनुभव के आधार पर पूरे शहर की सफाई व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और यातायात संबंधी समस्याओं को लेकर उठाए गए सवालों पर ध्यान देना जरूरी है।
पर्यटन नगरी की छवि पर पड़ सकता है असर
बीकानेर अपनी ऐतिहासिक इमारतों, धार्मिक स्थलों, बीकानेरी भुजिया, पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर्यटकों के अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एक ओर शहर की पहचान और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर बाजारों में गंदगी और अव्यवस्थित यातायात जैसी समस्याएं शहर की छवि को प्रभावित कर सकती हैं। साफ-सुथरी सड़कें, व्यवस्थित बाजार और बेहतर यातायात व्यवस्था पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के लिए भी जरूरी हैं।
आखिर कब सुधरेंगे शहर के हालात?
विदेशी पर्यटक के अनुभव के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि शहर के प्रमुख बाजारों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा रहा है? कचरे का नियमित उठाव, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और यातायात को व्यवस्थित करने के लिए जिम्मेदार विभाग कितने प्रभावी कदम उठा रहे हैं?
अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि विदेशी पर्यटक ने बीकानेर के बारे में क्या कहा, बल्कि यह भी है कि शहर के हालात सुधारने के लिए जिम्मेदार विभाग क्या कर रहे हैं। शहरवासी हों या देशी-विदेशी पर्यटक, सभी को बेहतर सुविधाओं और साफ-सुथरे वातावरण की उम्मीद है। ऐसे में देखना होगा कि बीकानेर की सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम कब उठाए जाते हैं।

