पुष्करणा समाज की अनूठी पहल: विश्व शांति के लिए 12 अप्रैल को रुद्राभिषेक व भैरव पूजन
बीकानेर। वर्तमान समय में देश-विदेश में बढ़ते तनाव और वैमनस्य के माहौल के बीच पुष्करणा समाज ने सामाजिक समरसता और विश्व शांति के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की है। इसी कड़ी में 12 अप्रैल को बीकानेर में भव्य रुद्राभिषेक और भैरव पूजन का आयोजन किया जाएगा।
यह आयोजन स्थानीय ओझा सत्संग भवन में रविवार को संपन्न होगा, जहां सुबह 7 बजे से रुद्राभिषेक शुरू होगा। आयोजन की जानकारी देते हुए आयोजक देवीलाल उपाध्याय ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान में 11 वेदपाठी आचार्यों के सान्निध्य में 50 से अधिक पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम की पूर्णाहुति सुबह 11 बजे होगी, जिसके बाद महाप्रसादी का आयोजन रखा गया है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में आपसी समन्वय, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। समाज की यह पहल अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है कि वे भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एकता को बढ़ावा दें।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 20 हजार लोग भाग लेंगे। इसके लिए बीकानेर जिले की सभी तहसीलों और आसपास के पुष्करणा बाहुल्य क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क कर निमंत्रण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भी इस आयोजन को सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। कमल कल्ला ने कहा कि एक समाज की सकारात्मक पहल कई बार पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है और यह आयोजन उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
प्रेस वार्ता में जुगलकिशोर ओझा, रमेश पुरोहित, हीरालाल हर्ष, बबला महाराज, श्याम नारायण रंगा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान आयोजन के निमंत्रण पत्र का भी विमोचन किया गया।
आयोजक देवीलाल उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का किसी भी प्रकार से राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल सामाजिक और धार्मिक भावना से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों में संस्कृति और संस्कारों को बनाए रखना है।
वहीं, आयोजन से जुड़े श्याम देराश्री ने बताया कि समाज के लोगों को आमंत्रित करने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर निमंत्रण पत्र दे रही हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को कार्यक्रम की महत्ता बताकर भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

