बीकानेर बना कैंसर इलाज का नया हब, 4 करोड़ की अत्याधुनिक मशीन से मरीजों को मिलेगा सटीक उपचार
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बीकानेर बना कैंसर इलाज का नया हब, 4 करोड़ की अत्याधुनिक मशीन से मरीजों को मिलेगा सटीक उपचार

May 14, 2026

बीकानेर. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को पीबीएम अस्पताल स्थित आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर उपचार एवं अनुसंधान केंद्र में अत्याधुनिक हाई-डोज रेट (HDR) ब्रैकीथेरेपी सुविधा का शुभारंभ किया। इस नई तकनीक के शुरू होने से बीकानेर अब उत्तर-पश्चिम भारत में कैंसर उपचार का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा चुका है।

 

 

करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस आधुनिक मशीन से कैंसर मरीजों को अधिक सटीक, सुरक्षित और कम समय में उपचार मिल सकेगा। खास बात यह है कि अब तक निजी अस्पतालों तक सीमित रहने वाली यह उन्नत सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए भी सुलभ हो सकेगी।

 

 

 

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार गंभीर बीमारियों के इलाज को आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार आधुनिक सुविधाएं विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल लगातार चिकित्सा सेवाओं में नए आयाम स्थापित कर रहा है और यह नई मशीन हजारों मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी।

 

 

उन्होंने यह भी बताया कि पीबीएम अस्पताल को उच्च स्तरीय संस्थान के रूप में विकसित करने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से चर्चा हुई है। स्थानीय जरूरतों और संभावनाओं के आधार पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

 

 

 

संस्थान की निदेशक डॉ. नीति शर्मा ने बताया कि ब्रैकीथेरेपी तकनीक में रेडियोधर्मी स्रोत को सीधे ट्यूमर के भीतर या उसके आसपास स्थापित किया जाता है। इससे कैंसरग्रस्त हिस्से पर अधिक प्रभाव पड़ता है, जबकि शरीर के स्वस्थ अंगों को कम नुकसान पहुंचता है।

 

 

डॉ. राजेश सिवर ने बताया कि नई तकनीक से मरीजों का इलाज कम समय में संभव होगा और अधिकतर प्रक्रियाएं डे-केयर आधार पर पूरी की जा सकेंगी। इससे मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं होगी और उपचार के बाद होने वाले दुष्प्रभाव भी कम होंगे।

 

 

 

यह मशीन मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर के उपचार में उपयोगी होगी, जिसे चिकित्सा क्षेत्र में “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना जाता है। इसके अलावा प्रोस्टेट, स्तन, सिर एवं गर्दन, स्किन, फेफड़ों और आहार नली के कैंसर के इलाज में भी यह तकनीक कारगर साबित होगी।

 

 

गौरतलब है कि वर्ष 1999 से सेवाएं दे रहा यह संस्थान राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मरीजों को उपचार सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। वर्ष 2025 में यहां करीब 11 हजार नए और 1 लाख 10 हजार पुराने मरीजों ने उपचार प्राप्त किया। नई मशीन लगने के बाद अब अधिक संख्या में मरीजों को अत्याधुनिक इलाज मिल सकेगा।