पद्मिनी एकादशी पर श्याममय हुआ बीकानेर, भव्य श्रृंगार और भजनों में डूबे श्रद्धालु
बीकानेर. अधिक मास में आने वाली पावन पद्मिनी एकादशी (कमला एकादशी) पर बीकानेर का श्याम मंदिर श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव से सराबोर नजर आया। मंदिर में बाबा श्याम का भव्य दरबार सजाया गया, जहां रंग-बिरंगे फूलों की मनमोहक सजावट, आकर्षक श्रृंगार और भक्तिमय भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
भगवान विष्णु को समर्पित इस विशेष एकादशी के अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया। बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मंदिर के मुख्य पुजारी चेतन शर्मा एवं किशन जोशी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा का दिव्य श्रृंगार किया। फूलों की खुशबू और भक्ति संगीत के बीच पूरा मंदिर परिसर श्याममय वातावरण में रंगा दिखाई दिया।
नौतपा की भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं द्वारा गर्मी से राहत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। मंदिर परिसर से मुख्य द्वार तक टेंट और कूलर लगाए गए, वहीं जगह-जगह ठंडे पानी के कैंपर रखे गए ताकि दर्शनार्थियों को राहत मिल सके।
इस दौरान कई भावुक दृश्य भी देखने को मिले। महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को कपड़ों में लपेटकर तेज धूप और गर्मी से बचाते हुए बाबा के दर्शन के लिए पहुंचीं। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा और भक्ति ने हर किसी को भावुक कर दिया।
मंदिर में दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। “फूलों में महक तुमसे, तारों में चमक तुमसे… मेरे श्याम इतना बता दो, कहाँ तुम नहीं हो!” जैसे भावपूर्ण भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिरस में डुबो दिया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते और बाबा श्याम के जयकारे लगाते नजर आए।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए बाबा श्याम को विशेष शीतल भोग अर्पित किए गए। भक्तों द्वारा चेरी, लीची, जामुन, खुमानी और आड़ू जैसे मौसमी फलों का भोग लगाया गया। साथ ही ठंडाई, शरबत और शीतल पेय भी अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से प्रसाद वितरण, पानी पिलाने और अन्य व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अधिक मास में आने वाली पद्मिनी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसी आस्था के साथ देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ती रही और पूरा परिसर बाबा श्याम के जयकारों से गूंजता रहा।

