जीवन को अभय बना देती है श्रीमद्भागवत कथा : पं. सुनील व्यास
Bikaner News Dharm Karam

जीवन को अभय बना देती है श्रीमद्भागवत कथा : पं. सुनील व्यास

Jun 1, 2026

 

बीकानेर. पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्री आदि गणेश भक्त मंडल के तत्वावधान में दाऊजी रोड स्थित श्री आदि गणेश मंदिर में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भागवत कथा का श्रवण किया।

 

 

कथा वाचक पं. सुनील व्यास ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को भयमुक्त और अभय बनाने वाली दिव्य साधना है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के सत्य को जान लेने से मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। जिस प्रकार राजा परीक्षित ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर अभय पद को प्राप्त किया था, उसी प्रकार भागवत कथा प्रत्येक जीव को निर्भय बनने की प्रेरणा देती है।

 

 

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है तथा यह परमहंसों की संहिता मानी गई है। भागवत कथा मानव के अंतर्मन को जागृत कर उसे मुक्ति का मार्ग दिखाती है। अधिक मास में इसके श्रवण का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि यह भगवान के प्रति अनुराग और भक्ति भाव को प्रबल करती है। उन्होंने कहा कि भागवत वेदों और उपनिषदों का साररूप फल है तथा कथा रूपी यह अमृत देवताओं के लिए भी दुर्लभ माना गया है।

 

 

पं. व्यास ने भक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। यदि मनुष्य जन्म लेकर भी ईश्वर भक्ति से दूर रहता है तो उसका जीवन सार्थक नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि संसार में दो वस्तुएं अत्यंत दुर्लभ हैं, जिनमें सबसे पहले मानव शरीर का प्राप्त होना है। इसी मानव जीवन को सफल बनाने का माध्यम भक्ति और सत्संग है।

 

 

कथा के दौरान उन्होंने शुकदेव जी द्वारा भागवत ज्ञान के प्रसार और भागवत ग्रंथ की महत्ता का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा ही मानव और पितरों दोनों का कल्याण करने वाली है। कथा के बीच-बीच में भजन गायक रामसा व्यास ने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

 

 

कथा के प्रथम दिन मुख्य यजमान जयनारायण बिस्सा एवं प्रभा बिस्सा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ कराया। इस अवसर पर एडवोकेट अविनाश चंद्र व्यास, विष्णु नारायण बिस्सा, विजय श्रीमाली, देवजी सोनी, राजकुमार खंडेलवाल, नूतन व्यास, प्रेमलता व्यास, हर्षित बिस्सा तथा जयंत व्यास सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने कथा वाचक पं. सुनील व्यास का तिलक कर स्वागत-अभिनंदन किया तथा भागवत जी की आरती में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।