एसआईआर को लेकर कांग्रेस का चुनाव आयोग पर निशाना, चिरंजीवी राव बोले- पारदर्शिता पर गंभीर सवाल
बीकानेर. कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं राजस्थान के सहप्रभारी चिरंजीवी राव ने रविवार को रानी बाजार स्थित जिला कांग्रेस कमेटी देहात कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची की शुद्धता और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है।
चिरंजीवी राव ने कहा कि एसआईआर को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से मतदाताओं के अधिकार और मतदाता सूचियों में नामों को लेकर सवाल सामने आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने पिछले करीब 10 महीनों में एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न फैसलों को लेकर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, ये आपत्तियां मतदाताओं के नाम जोड़ने-हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता डेटाबेस से जुड़े मामलों को लेकर थीं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सवाल किसी संवैधानिक संस्था को कमजोर करने का नहीं, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का है। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।
चिरंजीवी राव ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रखना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही तथा पारदर्शिता के सवाल उठाती रहेगी। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा 24 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग किए जाने का भी उल्लेख किया।
गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद आयोग ने इन मतभेदों को अपने सामान्य निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया था और कहा था कि पिछले 10 महीनों में लिए गए निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
पंचायतीराज चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियां
आगामी पंचायतीराज चुनावों को लेकर चिरंजीवी राव ने कहा कि कांग्रेस का संगठन गांव-ढाणी तक सक्रिय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आमजन के बीच जाकर स्थानीय समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों में जुटी है।
पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है और यह विश्वास तभी कायम रह सकता है, जब चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची किसी भी चुनाव की बुनियाद है। एसआईआर को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से उठ रहे सवालों का चुनाव आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से जनता निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है। उन्होंने कहा कि यदि आयोग के भीतर किसी निर्णय या प्रक्रिया को लेकर सवाल सामने आते हैं तो उनका स्पष्ट जवाब सार्वजनिक रूप से दिया जाना चाहिए।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करना है, लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो। उन्होंने गरीब, ग्रामीण, मजदूर और प्रवासी नागरिकों के अधिकारों का विशेष ध्यान रखने की मांग की।
उपमहापौर चुनाव में क्रॉस वोटिंग की जांच
पत्रकारों ने बीकानेर नगर निगम उपमहापौर चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर भी सवाल किया। इस पर चिरंजीवी राव ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में वोट क्रॉस की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल ने बताया कि प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव प्रद्युम्न सिंह राठौड़, पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत, लूणकरनसर प्रत्याशी डॉ. राजेंद्र मूंड, पीसीसी सचिव शिवलाल गोदारा, देहात उपाध्यक्ष कॉमरेड हनुमान चौधरी, डॉ. प्रीति मेघवाल सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

