मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता में बीकानेर को मिला राज्य स्तरीय सम्मान, पीबीएम में सप्ताहभर चला अभियान
बीकानेर. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सप्ताहव्यापी जागरूकता अभियान का शनिवार को समापन हुआ। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, नशा मुक्ति और आत्महत्या रोकथाम को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। वहीं, मानसिक रोगों के प्रति जागरूकता फैलाने और नशा मुक्ति के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बीकानेर जिले की टीम को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
सप्ताहभर चले इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं, स्वास्थ्यकर्मियों और आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा मानसिक रोगों से जुड़े सामाजिक भ्रम और भेदभाव को दूर करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय समय पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने और जरूरत पड़ने पर उपचार करवाने का संदेश दिया गया।
चिकित्साकर्मियों को बताया समय पर उपचार का महत्व
अभियान के दौरान नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों और विभागीय कर्मचारियों के लिए शैक्षणिक एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। इनमें मानसिक रोगों की समय पर पहचान, वैज्ञानिक उपचार, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और भावनात्मक सहयोग के महत्व पर जानकारी दी गई।
मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल, प्रोफेसर डॉ. हरफुल बिश्नोई, सहायक प्रोफेसर डॉ. राकेश गढ़वाल और डॉ. मुरलीधर स्वामी सहित वरिष्ठ चिकित्सकों एवं रेजिडेंट डॉक्टरों ने गतिविधियों में भाग लिया। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से विनोद पंचारिया और राजीराम का भी सहयोग रहा।
समापन समारोह में गवर्नमेंट नर्सिंग स्कूल के प्राचार्य अब्दुल वहीद, व्याख्याता ललिता तंवर और सुनीता शेखावत सहित विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।
‘क्षमापात्र’ के जरिए नकारात्मक भावनाएं छोड़ने का संदेश
जागरूकता अभियान के दौरान ‘फॉरगिवनेस बिन’ यानी क्षमापात्र की अभिनव पहल भी की गई। खुशबू मेघवाल और नीतू राठौड़ ने इसे तैयार किया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को मन में संचित नकारात्मक भावनाओं और अप्रिय अनुभवों को छोड़कर सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करना था। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की।
पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर आयोजित पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी रचनात्मकता के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य का संदेश दिया। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
जीएनएम वर्ग में अरुण प्रजापत, मयंक प्रजापत और नवीन गोदारा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, नेहा बारठ और धर्मेंद्र राव ने तृतीय स्थान हासिल किया।
बीएससी नर्सिंग वर्ग में खुशी बुडानिया, नंदिनी पारीक, तरुणा, नीतू राठौड़, नोरिन पंवार, निकिता शेखावत, दीपिका चौधरी और सुनीता हुड्डा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी वर्ग में डिम्पल, मानसी, मंजीता और पूजा ने तृतीय स्थान हासिल किया।
योग, ध्यान और प्राणायाम से दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल ने बताया कि सप्ताहभर चले अभियान के दौरान शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए योग, ध्यान और प्राणायाम के विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से तनाव प्रबंधन और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के सफल आयोजन में मैटर्न ऑफिस, नर्सिंग अधिकारियों, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, एटीएफ स्टाफ, साइकियाट्रिक सोशल वर्कर, काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य कार्मिकों का योगदान रहा।

