रामलीला में लंका दहन का मंचन देख भावविभोर हुए जिला कलेक्टर और एसपी, नशे के खिलाफ दिया संदेश
बीकानेर. श्री राम कला मंदिर संस्थान की ओर से श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भव्य रामलीला में मंगलवार को आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला। रामलीला में जिला कलेक्टर निशांत जैन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा सपरिवार पहुंचे। इस दौरान कलाकारों ने हनुमान जी द्वारा लंका दहन करने और माता सीता से चूड़ामणि लेकर प्रभु श्रीराम के पास लौटने के प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
हनुमान जी के पराक्रम का भावपूर्ण मंचन
रामलीला के दौरान हनुमान जी के लंका पहुंचने, लंका दहन करने और माता सीता से चूड़ामणि लेकर प्रभु श्रीराम के पास लौटने के प्रसंग को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के अभिनय और मंचन ने दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से जोड़ दिया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे और पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं संस्कार : कलेक्टर
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर निशांत जैन ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए रामलीला के आयोजन की सराहना की। उन्होंने आयोजन से जुड़े कलाकारों और आयोजकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
रामलीला के मंच से नशे के खिलाफ संदेश
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने रामलीला के माध्यम से ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ के तहत नशे के खिलाफ दिए जा रहे सामाजिक संदेश की सराहना की। उन्होंने ऑपरेशन नीलकंठ के बारे में जानकारी देते हुए आमजन, विशेषकर युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। साथ ही समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सभी से सहयोग करने का आह्वान किया।
कलेक्टर और एसपी का किया सम्मान
इस अवसर पर श्री राम कला मंदिर संस्थान की ओर से जिला कलेक्टर निशांत जैन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा का माला पहनाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। धार्मिक प्रसंगों के मंचन, जय श्रीराम के जयघोष और सामाजिक संदेश के साथ रामलीला का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।

