एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर चौथे दिन गोदित ग्रामों में पर्यावरण जागरूकता, मेडिकल कैंप एवं स्वच्छता अभियान
बीकानेर. राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा गोदित ग्रामों उदासर एवं रिडमलसर पुरोहितान में विभिन्न समाजोपयोगी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दिन की गतिविधियों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा
स्वच्छता का हम सभी के जीवन में विशेष महत्व- डॉ अनिल कुमार पूनिया
बीकानेर. भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी), बीकानेर द्वारा भारत सरकार के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत दिनांक 16 से 31 दिसम्बर 2025 की अवधि में मनाए गए स्वच्छता पखवाड़ा चलाया गया. केन्द्र निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने स्वच्छता के महत्व एवं
एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस पर साइबर जागरूकता एवं स्वास्थ्य विषयक व्याख्यान
बीकानेर. राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन महाविद्यालय में ज्ञानवर्धक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साइबर सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवनशैली जैसे समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया
राजकीय महाविद्यालय कोलायत में सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन
बीकानेर. राजकीय महाविद्यालय कोलायत में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार सियाग और वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. बिन्दु चंद्राणी द्वारा माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन के
मतदाता विशेष पुनरीक्षण में कोई पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए: सौरभ सारस्वत
बीकानेर. भारतीय जनता पार्टी जिला मुख्यालय पर बीकानेर शहर भाजपा द्वारा बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत बी.एल.ए.-2 प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संभाग प्रभारी सौरभ सारस्वत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते
यह है दुनिया की सबसे छोटी कचौरी! एक बार में 10-12 पीस खा जाते हैं लोग, 30 दिन तक नहीं होती खराब
बीकानेर की गलियों में मिलनी वाली कचौरियां अपने स्वाद के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. इस शहर में कई स्पेशल खाने की चीजें मिलती है. आपने कई तरह की कचौरी खाई होगी, लेकिन आज हम आपको बीकानेर की नहीं बल्कि दुनिया की
नायिका अपने प्रियतम को विदेश जाने से रोकने के लिए बीकानेरी शैली में हर माह की खासियत बताती
बीकानेर. भारतीय चित्रकला में मौसम, फसल एवं ऋतुओं के बदलते पेड़-पौधों को चित्रित करने की पुरानी परम्परा रही है. बारहमासा के चित्र भी उसी परम्परा का हिस्सा है. यह बारहमासा के चित्र बीकानेरी शैली में बने हुए है. इस शैली में नायक नायिका

