यह है दुनिया की सबसे छोटी कचौरी! एक बार में 10-12 पीस खा जाते हैं लोग, 30 दिन तक नहीं होती खराब
बीकानेर की गलियों में मिलनी वाली कचौरियां अपने स्वाद के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. इस शहर में कई स्पेशल खाने की चीजें मिलती है. आपने कई तरह की कचौरी खाई होगी, लेकिन आज हम आपको बीकानेर की नहीं बल्कि दुनिया की सबसे छोटी कचौरी के बारे में बताते है. यह बीकानेर के कोचरों के चौक में बनाई जाती है. इस कचौरी का साइज इतना छोटा है कि एक हाथ में करीब 15 से 20 कचौरी आ सकती है. मजे की बात है कि लोग एक साथ 15 से 20 कचौरी बड़े आराम से खा सकते है
व्यवसायी विजय कुमार सेठिया उर्फ नाना भाई ने बताया कि वह पिछले कई सालों से यहां मिठाई और नमकीन बनाने का काम कर रहे है. बीकानेर में कचौरी की नई वैरायटी बनाई है और छोटी कचौरी बनाई है. कचौरी में कुछ नया बनाने के प्रयास किया है. इस छोटी कचौरी में हींग का स्वाद आता है. यहां शुद्धता के साथ कचौरी बनाई जाती है. यह छोटी कचौरी पौने इंच की साइज की होती है
हमारे यहां पाव किलो का डिब्बा मिलता है जिसमें 60 से 65 पीस कचौरी के मिलते है. बाजार में इस पावभर कचौरी के डिब्बे की कीमत 100 रुपए है. ऐसे में एक किलो में 250 से 270 पीस कचौरी के आते है
यह छोटी कचौरी करीब 30 दिनों तक खराब नहीं होती है. यह पूरे देश में हमारे यहां की छोटी कचौरी जाती है. हालांकि अब इसकी डिमांड बढ़ने लगी है. देश में जहां भी बीकानेर के लोग रहते है, लोग इस कचौरी को मंगवाते है
वे बताते है कि इस कचौरी को एक साथ बनाया जाता है. ज्यादातर लोग ऑर्डर पर बनवाते है. कचौरी को बनाने में एक घंटे का समय लगता है. इस कचौरी में बेसन, मैदा, हींग, मसाले आदि डाले जाते है.

